पाकिस्तान में आया असहिष्णुता का मामला - ढहाया हजारों वर्ष पुराना जैन मंदिर

Feb 15 2016 06:43 PM
पाकिस्तान में आया असहिष्णुता का मामला - ढहाया हजारों वर्ष पुराना जैन मंदिर

लाहौर: पाकिस्तान में एक बार फिर धार्मिक असहिष्णुता का मामला सामने आया है। अधिकांशतः भारत में असहिष्णुता की बात उठती है और पाकिस्तान में रहने वाले विभिन्न संगठनों के आतंकी शोर मचाने लगते हैं। मगर जब पाकिस्तान में असहिष्णुता की बात आती है तो भारत को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आवाज़ उठानी पड़ती है।

दरअसल लाहौर स्थित सदियों पुराने जैन मंदिर के अवशेषों को ध्वस्त कर दिया गया। इस मामले में वहां की अदालत ने ही इस मंदिर को ध्वस्त करने का निर्देश दिया था, लेकिन अब भारत में रहने वाले जैन समुदाय के रहवासियों ने इस पर अपनी नाराजगी जाहिर की है।

अब उन्होंने भारत सरकार से अपील की है कि वे पाकिस्तान के सामने इस मामले को रखें और जो मंदिर ध्वस्त हो गए हैं वहां की जैन मूर्ति का पता लगकार आवश्यक कदम उठाऐं। इसय मामले में जैन युवा संगठन ने विशेष अपील की है। उन्होंने कहा कि भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को ईमेल कर उनसे अपील की और कहा कि वे भारत और पाकिस्तान उच्चायोग से समन्वय स्थापित करें।

लाहौर के अनारकली बाजार के समीप जर्जर हो चुके जैन मंदिर की मूर्ति सुरक्षित रखने को लेकर पता लगाने में लगे हैं। इस तरह की मूर्ति धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व की बताई जा रही है। इस मामले में ललित जैन ने कहा कि यह मूर्ति सुरक्षित है। तो फिर इसे भारत लाने की प्रक्रिया प्रारंभ करना चाहिए। भारत में ही किसी मंदिर में इसे प्राण - प्रतिष्ठित किया जाना चाहिए।

मगर करीब एक हजार वर्ष पुराने मंदिर के अवशेष ढहाने को लेकर न्यायालय ने अपने आदेश दिए। उल्लेखनीय है कि यह मंदिर वर्ष 1992 में भारत में हुए बाबरी मस्जि़द विध्वंस को लेकर लोगों के गुस्से का शिकार हुआ इसके बाद यहां पर मैट्रो रेल के विकासीय प्रोजेक्ट को लेकर कार्य किया जाना था जिसके लिए मंदिर के अवशेष ढहा दिए गए अब मंदिर का व्यावसायिक उपयोग होने की बात कर इसे ढहा दिया गया।