मुंबई हमले के गवाहों और बोट को कोर्ट में पेश किया जाएः पाक एंटी टेररिज्म कोर्ट

Feb 19 2016 11:17 AM
मुंबई हमले के गवाहों और बोट को कोर्ट में पेश किया जाएः पाक एंटी टेररिज्म कोर्ट

इस्लामाबाद ​: मुंबई में हए आतंकी हमले की सुनवआई कर रहे पाकिस्तानी एंटी टेरेरिज्म कोर्ट ने कहा है कि सभी 24 भारतीय गवाहों को पेश किया जाए और उस नाव को भी लाया जाए, जिसमें सवार होकर 9 आतंकी मुंबई में दाखिल हुए थे। 2009 से चल रही मामले की सुनवाई एक बार फिर गुरुवार को इस्लामाबाद में हुई। कोर्ट ने पाकिस्तान की फेडरल जांच एजेंसी से कहा कि इन गवाहों के बयान कोर्ट में रिकॉर्ड किए जाएंगे। साथ ही बोट भी एक अहम सबूत है।

गौरतलब है कि इस हमले की पृष्ठभूमि तैयार करने वाला जकी-उर-रहमान लखवी पहले ही रिहा हो चुका है। उसे दिसंबर में ही जमानत दे दी गई और लाहौर कोर्ट के ऑर्डर पर 10 अप्रैल से ही बाहर घूम रहा है। इस केस में लखवी समेत 7 आतंकी आरोपी है। 26 नवंबर 2008 को मुंबई में ताज होटल, नरीमन प्वॉइंट सहित कई जगहों पर हमले करने वाले आतंकी कराची से मुंबई के लिए निकले थे।

उन्होंने मछली पकडऩे वाली एक नाव को हाईजैक किया था और फिर उस बोट से मुंबई पहुंचे थे। पाकिस्तान की 8 सदस्यों की ज्यूडिशियल कमीशन ने 2012 में भारत आकर 4 गवाहों के बयान दर्ज करके ले गई थी, जिसे कोर्ट ने नकार दिया है, क्यों कि लखवी के वकील ने इस पर आपत्ति जताई थी। एक अधिकारी के मुताबिक अब पाकिसतानी गृह मंत्रालय अपने विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर भारत के विदेश मंत्रालय को पत्र लिखने की मांग करेगा।

इसके बाद ही तय होगा कि भारत इन गवाहों को पाकिस्तानी भेजता है या नहीं। गवाहों मेम मुख्य नाम सीनियर इंस्पेक्टर रमेश महाले और आतंकियों का पोस्टमार्टम करने वाले दो डॉक्टर व कसाब का बयान रिकॉर्ड करने वाले मजिस्ट्रेट आर वी सावंत है।