PAK कोर्ट ने खारिज की गीता को भारत भेजने की अर्जी

Sep 04 2015 12:41 AM
PAK कोर्ट ने खारिज की गीता को भारत भेजने की अर्जी

कराची। सिंध हाई कोर्ट ने पाकिस्तान में 13 वर्षों से फंसी भारतीय लड़की गीता को भारत को सौंपने वाली अर्जी गुरुवार को खारिज कर दी है। अदालत ने गीता को जबरदस्ती भारत भेजने से इन्कार करते हुए अधिकारियों को कूटनीतिक स्तर पर मामला सुलझाने का आदेश दिया है। भारतीय सामाजिक कार्यकर्ता और वकील मोमिनीन मलिक ने एक पाकिस्तानी वकील के जरिये यह याचिका दायर की थी।

भारत में 5 परिवारों ने गीता का रिश्तेदार होने का दावा किया है। खबर के मुताबिक, गीता ने एक विशेषज्ञ के जरिये गुरुवार को अदालत को बताया कि वह भारत जाना चाहती है। गीता की देखभाल कर रहे ईदी फाउंडेशन चैरिटी के वकील ने कोर्ट से गुहार लगाई कि पाकिस्तान और भारत की सरकारों को इस मामले में शामिल किया जाना चाहिए। पाक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गीता ने कोर्ट से यह भी कहा कि उसे ईदी सेंटर में किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हो रही है। कोर्ट को दिए बयान के मुताबिक, गीता के 4 भाई और 3 बहनें हैं।

आपको बता दें कि गीता न तो सुन और न ही बोल सकती है। महज 10 साल की उम्र में वह गलती से सीमा पार चली गई। पाकिस्तानी रेंजर्स को वह वाघा बॉर्डर पर मिली थी। वहां से उसे कराची स्थित ईदी फाउंडेशन के सोशल वेलफेयर सेंटर पहुंचा दिया गया। वहीं उसे गीता नाम मिला। अब वह 23 साल की है।