पाकिस्तानी सेना की साजिश थी जम्मू में हुआ 'ड्रोन अटैक', जैश और लश्कर ने भी दिया था साथ

नई दिल्ली: जम्मू एयरफोर्स स्टेशन में हुए ड्रोन हमले के संबंध में पुख्ता जानकारी मिली है कि आतंकी संघठन लश्कर ने जैश और पाकिस्तानी आर्मी के साथ मिलकर ये पूरा प्लान बनाया था. इसकी बैठक सबसे पहले पाकिस्तान के कोटली में हुई. इसका पूरा जिम्मा पाकिस्तानी सेना की 505 UAV ऑपरेशनल एंड ट्रेनिंग स्कूल ने लिया, जो पाकिस्तान के मंगला में है. आज खुद पाकिस्तानी आर्मी के प्रमुख जनरल कमर बाजवा भी इस स्कूल में पहुंचे.

बताया जा रहा है कि बाजवा के साथ मेजर जनरल आसिम मलिक और लेफ्टिनेंट जनरल मजहर शाहीन भी थे. सूत्रों के मुताबिक, इनका मुद्दा बिल्कुल स्पष्ट है ड्रोन लॉन्चिंग पैड तैयार करना और अलग-अलग जगह पर ब्लास्ट करना और ये सब लश्कर से करवाना और वो भी आइसोलेशन टॉस्किंग के तहत. इसका मतलब है UAV IED की जानकारी केवल उसको दी जाए जो धमाका करने जा रहा है. जानकारी इस बात की भी मिली है कि एयरफोर्स बेस के भीतर ब्लास्ट में शेप्ड चार्ज का इस्तेमाल किया गया और जिसका असर इतना भीषण था कि छत ही उड़ गई. 

इसके पीछे आतंकी संगठन लश्कर और ISI की साजिश थी, जिसको पाक आर्मी का सपोर्ट था. सुरक्षा एजेंसियां इसी को एस्टेब्लिश कर सबूत खोजने में जुटी हुई हैं. लश्कर के जम्मू का इंचार्ज उमर सोफियां है, तो वहीं कश्मीर का यूसुफ मुजम्मिल. ये दोनों गजनवी और जकी उर रहमान लखवी के कहने पर आतंकियों को जम्मू-कश्मीर में भेजने का षड्यंत्र रच रहे हैं.

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