जन्मदिन विशेष: शुरुआती सिनेमा के महानायक पैदिपति जयराज

ादा साहब फाल्के पुरस्कार विजेता पेदीपती जयराज का जन्म 28 सितंबर 1909 को करीमनगर, हैदराबाद राज्य (जिसमें आज का तेलंगाना राज्य एक हिस्सा) में हुआ था. सरोजिनी नायडू के भतीजे, पिपिपती सुंदरराज नायडू और पेदीपती दीनदयाल नायडू, पेदीपती के जयराज सबसे छोटे बेटे थे.

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जयराज ने निजाम कॉलेज हैदराबाद में स्नातक अध्ययन के दौरान थियेटर और फिल्मों में रुचि विकसित की और 1929 में बॉम्बे चले गये. उन्होंने 1929 में मूक फिल्म स्टार 'क्लिंग यूथ' के साथ अपने अभिनय की शुरुआत की, और बाद में उन्होंने ग्यारह मूक फिल्मों में अभिनय किया जिनमें ट्रैंगल ऑफ़ लव, मथरु भुमी, ऑल फॉर प्रेवर, महासागर मोथी, फ्लाइट टू डेथ, माई हीरो इत्यादि. जयराज की प्रभावी संवाद और तेलुगू रंगमंच में अनुभव ने उन्हें राजपूतों की रक्षा करने वाली तलवार की भूमिका निभाने का तत्काल विकल्प बना दिया. उन्होंने अमर सिंह राठौर 1957, पृथ्वीराज चौहान 1959 और महाराणा प्रताप 1960 जैसे बड़े उल्लेखनीय किरदार निभाए. उन्होंने शाहजहां 1947, टीपू सुल्तान 1959 और हैदर अली 1962 की भूमिका निभाई. उनकी अन्य यादगार फिल्मे सस्सी पुन्नू 1947, हटिमताई 1956, चंद्रशेखर आज़ाद 1963 और दुर्गा दास 1964 हैं. जयराज ने 1940 और 1950 के दशक में सुरैया के साथ छह फिल्में कीं, जिनमें से पांच हैं- हुमाड़ी बाट 1943, सिंगर 1949, अमर कहानी 1949, राजपूत 1951 और रेशम 1952 हीरो के रूप में, और उनमें से एक, लाल कुंवर 1952 में सहायक अभिनेता के रूप में काम किया.

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1952 में उन्होंने अपनी फिल्म सागर का निर्माण और निर्देशन किया, जिसे दर्शकों द्वारा बहुत नहीं सराहा गया था. लेकिन सिनेमा के प्रति उनकी लगन निर्विवाद बनी रही. अपने घर के बड़े संयुक्त परिवार में जयराज एक मात्र बड़े और सफल अभिनेता और निर्देशक रहे. जयराज की मृत्यु फ़िल्मी नगरी मुंबई में 11 अगस्त 2000 को हुई.

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