पी-नोट के माध्यम से होने वाले निवेश में गिरावट

पिछले कुछ दिनों में इक्विटी बाजार में नरमी का रुख देखने को मिला है. गौरतलब है कि इस नरमी के बीच भागीदारी नोट या पी-नोट के द्वारा करीब 2.18 लाख करोड़ रुपये का निवेश सामने आया है. लेकिन साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि यह 18 महीने का न्यूनतम स्तर रहा है. इस मामले में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के द्वारा एक रिपोर्ट साझा की गई है जिसमे यह बताया गया है कि अक्टूबर से ही पी-नोट के माध्यम से निवेश में गिरावट सामने आ रही है.

देखने को मिल रहा है कि फरवरी के अंत तक पी-नोट का निवेश 2,17,740 करोड़ रुपये रहा है जोकि बीते माह के दौरान 2,31,317 करोड़ रुपये देखा गया था. इसके साथ ही यह भी देखने को मिल रहा है कि भारतीय बाजारों में पी-नोट्स के जरिए अक्टूबर में 2.58 लाख करोड़ का निवेश, नवंबर में 2.54 लाख करोड़ रुपये, दिसंबर में 2.35 लाख करोड़ रुपये और जनवरी में 2.31 लाख करोड़ रुपये का निवेश रहा है. जबकि साथ ही जानकारी देते हुए आपको इस बात से भी अवगत करवा दे कि सितंबर माह के दौरान यह निवेश 2.54 लाख करोड़ रुपये रहा था.

पी-नोट के बारे में जानकारी देते हुए आपको बता दे कि इसका उपयोग आम तौर पर विदेशी उच्च निवल मूल्य वाले व्यक्तियों के द्वारा किया जाता है. बता दे कि इन नोट के द्वारा विदेश में रहने वाले धनी व्यक्ति, हेज फंड और अन्य विदेशी संस्थानों को पंजीकृत विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के जरिए निवेश की अनुमति मिलती है.

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