ओवर स्लीपिंग मतलब बीमारियों को बुलावा

ओवर स्लीपिंग मतलब बीमारियों को बुलावा

आज की लाइफ स्टाइल में चैन की सांस लेना भी दुशवार है तो फिर चैन की नींद लेना तो काफी दूर की बात है. बहुत से लोग ठीक से सो नहीं पाते। लेकिन ऐसे भी बहुत से लोग हैं जो जरुरत से ज्यादा नींद लेते है यानी वो देर तक बिस्तर में सोये रहने के आदि हैं। जरूरत से ज्यादा नींद लेना सेहत को बिगाड़ भी सकता है और यह बहुत से सोधों के बाद सामने आया है कि ऐसा करने से हमज बहुत सी बीमारियों को बुलावा दे रहे हैं।

नार्मल से ज्यादा नींद लेना दिमाग को स्वस्थ रखने के बजाए आपको डिप्रेशन का शिकार बना सकता है। शोध में यह साबित हुआ है कि 7 घंटे से अधिक सोने वालों को मानसिक तनाव का खतरा ज्यादा होता है। इसके अलावा 9 घंटे से अधिक नींद लेने पर डिप्रेशन की संभावना 49 प्रतिशत बढ़ जाती है। जो लोग रोजाना आठ घंटे से ज्यादा नींद लेते हैं उन्हें डायबिटीज होने की संभावना उन लोगों की अपेक्षा में दुगुनी हो जाती है, जो आठ घंटे से कम नींद लेते हैं।

आठ घंटे या इससे अधिक नींद लेने वाले लोगों को कोरोनरी हार्ट डिसीज होने का खतरा दुगुना हो जाता है, बजाए उनके, जो आठ घंटे से कम नींद लेते हैं। आठ घंटे से ज्यादा नींद लेने वाली महिलाओं के प्रेग्नेंट होने की संभावनाएं, आम महिलाओं जो 7 से 8 घंटे की नींद लेती हैं, उनकी तुलना में आधी हो जाती है। ज्यादा नींद लेना दिमाग को आराम देने के बजाए आपके दिमाग को कमजोर करता है और याददाश्त को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।