प्याज घोटाले के बाद केजरीवाल सरकार पर लगा पानी के घोटाले का आरोप

By Lav Gadkari
Oct 06 2015 01:17 PM
प्याज घोटाले के बाद केजरीवाल सरकार पर लगा पानी के घोटाले का आरोप

नई दिल्ली : विपक्ष द्वारा दिल्ली के जलबोर्ड को लेकर अपना विरोध जताया गया है। दिल्ली सरकार के अधीन आने वाले दिल्ली जल बोर्ड को लेकर विपक्ष ने कहा कि गरीबों को सस्ता पानी उपलब्ध करवाया जाना चाहिए। लेकिन केजरीवाल सरकार ने सस्ते पानी के बहाने निजी कंपनियों को गलत तरह से करोड़ों का लाभ पहुंचाया है। यही नहीं विपक्ष द्वारा एलजी से इस संबंध में सीबीआई जांच की मांग की गई है। भाजपा के तीन विधायक इस मामले में पुलिस कमिश्नर से भेंट करेंगे। 

मिली जानकारी के अनुसार विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने इस मामले में दिल्ली सरकार और दिल्ली जलबोर्ड पर बड़े आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली को जलबोर्ड द्वारा पेयजल की आपूर्ति सही तरह से उपलब्ध नहीं करवाई जाती है। पानी के निजीकरण का सार्वजनिक तौर से विरोध करने वाले मुख्यमंत्री पिछले दरवाजे से निजीकरण को प्रोत्साहन दे रहे हैं। श्री गुप्ता द्वारा कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने 20 हजार लीटर पानी मुफ्त में दिए जाने का वादा किया था।

इस दौरान कहा गया कि दिल्ली अनधिकृत काॅलोनियों में निवास करने वाले लोगों को पानी निजी भागीदारी से उपलब्ध करवाएगी। विपक्ष इसे पानी बेचने की बात कह रही है। श्री गुप्ता द्वारा दावा किया गया कि 30 सितंबर को हैदराबाद की कंपनी मेसर्स वाॅटर हेल्थ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को इस तरह के काम का ठेका दिया गया।

मामले में यह भी कहा गया कि दिल्ली सरकार द्वारा कंपनी को आरओ वाॅटर की वेंडिंग मशीनें लगाने और कच्चे पानी का प्रबंधन करने के लिए निजी कंपनी को ट्युबवेल प्रबंधन करने की बात भी जलबोर्ड की बैठक में कही गई। निजी कंपनी को करोड़ों रूपए की कीमत वाली जमीन उपलब्ध करवाई गई। दूसरी ओर इस मामले की जांच करने की बात भी कही गई। यह सवाल भी किया गया कि दिल्ली सरकार ने किस आधार पर कंपनी को ठेका दिया।