संपूर्ण भारत के लिए एक ही राशन कार्ड, जानें ​क्या होगा फायदा

संपूर्ण भारत के लिए एक ही राशन कार्ड, जानें ​क्या होगा फायदा

भारत के 81 करोड़ लोगों को रियायती दरों पर अनाज उपलब्ध कराने वाली महत्वाकांक्षी सरकारी योजना पीडीएस (जन वितरण प्रणाली) के लिए सोमवार यानी एक जून की तारीख काफी अहम है. इस दिन देश के 20 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में 'वन नेशन, वन राशन कार्ड' की व्यवस्था लागू हो जाएगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल में 20 लाख करोड़ रुपये का राहत पैकेज घोषित करते समय इस बात का जिक्र किया था. उन्होंने कहा था कि मार्च, 2021 तक देश के सभी राज्यों में यह व्यवस्था लागू हो जाएगी.

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आपकी जानकारी के लिए बता दे कि उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री राम विलास पासवान ने ट्वीट कर इस विषय में जानकारी दी है. उन्होंने ट्वीट कर कहा है, ''81 करोड़ NFSA लाभुकों को देशभर में कहीं से भी राशन प्राप्त करने की सुविधा मुहैय्या कराने वाली महत्त्वाकांक्षी योजना #वन_नेशन_वन_राशनकार्ड , मोदी 2.0 सरकार की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. 1 जून तक 20 राज्य इससे जुड़ जाएंगे और मार्च 2021 तक यह देशभर में लागू हो जाएगी.''

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इसके अलावा एक जनवरी को देश के 12 राज्यों में इस व्यवस्था की शुरुआत हो गई थी. केंद्रीय मंत्री पासवान ने इस बात की जानकारी दी थी. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के मुताबिक देश के 81 करोड़ लोग जन वितरण प्रणाली के तहत उचित मूल्य की दुकान से तीन रुपये प्रति किलोग्राम की दर से चावल और दो रुपये प्रति किलोग्राम की दर से गेहूं और एक रुपये प्रति किलोग्राम की दर से मोटा अनाज खरीद सकते हैं.  कोरोना संकट के इस काल में वन नेशन, वन राशन कार्ड की योजना काफी अहम साबित होने वाली है. इससे देश के प्रवासी मजदूरों को दूसरे राज्यों में कम रेट पर अनाज मिल जाएगा. 

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