OROP : वित्त वर्ष में 16 हजार करोड़ की लागत का अनुमान

By Hitesh Songara
Sep 08 2015 09:42 AM
OROP : वित्त वर्ष में 16 हजार करोड़ की लागत का अनुमान

नई दिल्ली : ओआरओपी यानी वन रैंक वन पेंशन को लेकर देश में गहमागहमी का माहोल देखने को मिल रहा है. और इसी को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि ओआरओपी से देश की राजकोषीय स्थिति पर भी प्रभाव पड़ेगा और इसके साथ ही इसी वित्त वर्ष में इस पर कुल लागत 16,000 करोड़ रूपये आने के अनुमान लगाये जा रहे है. इस बारे में HSBC ने एक रिपोर्ट जारी की है जिसमे ये सारी बातें की गई है. गौरतलब है कि सरकार के द्वारा ओआरओपी की मांग को स्वीकार कर लिया गया है. इसके साथ ही HSBC ने यह भी बताया है कि इसका मतलब है कि जुलाई 2014 से बकाये का भुगतान और इसके साथ ही मौजूदा पेंशन भुगतान में वृद्धि.

इसके अनुसार यह अनुमान लगाया जा रहा है कि चालू वित्त वर्ष में 16,000 करोड़ का खर्च आएगा. सूत्रों में वैश्विक ब्रोकरेज कम्पनी का यह मानना है कि रक्षा पेंशन में 10,000 करोड़ रूपये की वृद्धि का अनुमान लगाया जा रहा है जबकि अगले दो सालों में 12,000 करोड़ रूपये का बकाया दिया जाना है. इसके साथ ही यह कहा जा रहा है कि राजकोषीय मोर्चे पर दूसरा दबाव बैंकों में आने वाले 4 सालों में 70,000 करोड़ रूपये डाले जाने का होना है. जबकि इस मामले में इसी वित्त वर्ष में 25,000 करोड़ रूपये डाले जाना है. जबकि विनिवेश विभाग ने 69,500 करोड़ रूपये का लक्ष्य निर्धरित किया है जिसके पूरे होने की सम्भावना भी कम बताई जा रही है.