सामने आया ओमिक्रॉन संक्रमण का एक और नया लक्षण, ठंड लगना भी है शामिल

कोरोना वायरस के नए ओमिक्रॉन वैरिएंट से लोग परेशान है। ऐसे में इस वैरिएंट से संक्रमित लोगों में कई तरह के लक्षण देखने को मिल रहे हैं। इन लक्षणों के मिलने से कोरोना और सामान्य फ्लू के लक्षणों के बीच फर्क समझना मुश्किल हो गया है। वहीं दूसरी तरफ ब्रिटेन द्वारा रिपोर्ट किए गए ओमिक्रॉन के 20 लक्षणों की लिस्ट में एक बिल्कुल नया लक्षण सामने आया है, जिससे इसकी पहचान की जा सकती है। जी दरअसल ओमिक्रॉन शरीर के कई अंगों को अपनी चपेट में ले रहा है। इस लिस्ट में दिल, दिमाग, आंख के अलावा अब कान भी शामिल हो गया है।

जी हाँ, यह कान पर भी असर डाल रहा है। आपको बता दें कि नया वैरिएंट कान में दर्द, सनसनाहट, घंटी या सीटी बजने जैसी दिक्कतें पैदा कर रहा है। वैसे तो यह लक्षण उन लोगों में नजर आ रहा है जो पूरी तरह से वैक्सीनेटेड हैं, हालाँकि जरुरी नहीं है अगर यह लक्षण हो तो ओमिक्रॉन संक्रमण ही हो। आपको बता दें कि इस वैरिएंट से प्रभावित लोग ठंड लगने जैसे लक्षणों को भी महसूस कर रहे हैं। इसके चलते विशषज्ञों का कहना है कि समय पर इलाज मिलने पर यह समस्या काफी हद तक ठीक हो सकती है।

स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों का कहना है कि कोविड के संपर्क में आए लोगों के कान के आंतरिक मॉडल का परीक्षण किया गया, जिससे यह पता लग सके कि कैसे वायरस सिस्टम को प्रभावित करता है। ऐसे में उन्होंने पाया कि मरीज कान में दर्द और सनसनाहट जैसे लक्षण महसूस कर रहे हैं, जो शायद लोगों को पता ही नहीं कि यह कोविड का लक्षण है। वहीं दूसरी तरफ डॉ कॉन्स्टेंटिना स्टैंकोविक ने कहा कि अगर आपको सुनने में परेशानी, कान में आवाज या चक्कर आने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है तो इसे इग्नोर ना करें। ऐसे में तुरंत कोविड की जांच करवाएं। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा, कई मरीजों में हमने करोना के लक्षण के तौर पर बस हियरिंग लॉस को ही पाया।

इसी के साथ ZOE कोविड लक्षण अध्ययन के प्रोफेसर टिम स्पेक्टर ने सन ऑनलाइन को बताया कि 'यह वैरिएंट नाक की बजाय आपकी आंत में भी छिपा हो सकता है।' जी दरअसल इसका मतलब है कि जब लोग संक्रमित होते हैं और पेट खराब होने जैसे लक्षणों का अनुभव करते हैं तो कई बार उनका कोविड टेस्ट नेगेटिव आता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि नाक या मुंह में ओमिक्रॉन के कोई निशान नहीं मिलते। आगे उन्होंने कहा कि हम जानते हैं कि यह वायरस शरीर के विभिन्न हिस्सों में पाया जा सकता है, ऐसे में संभव है कि ओमिक्रॉन आंत पर भी हमला कर रहा हो।

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