लगातार चुनाव हारने के बाद 'अखिलेश' की गिरती साख, सहयोगी दल ही दिखाने लगे आँख

लखनऊ: आजमगढ़ और रामपुर लोकसभा उपचुनाव में शिकस्त झेलने वाली समाजवादी पार्टी (सपा) को अब सहयोगी दल ही आंख दिखाने लगे हैं। खास तौर पर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर अखिलेश यादव को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। ओपी राजभर बीते दो दिनों से मीडिया में आकर अखिलेश यादव को राजनीति की शिक्षा देकर, ये दिखाने का प्रयास कर रहे हैं कि वो (अखिलेश) एक कमजोर नेता हैं, जिनके नेतृत्व में पार्टी निरंतर चुनाव हार रही है। 

इतना ही नहीं, राजभर ने तो यहां तक कह डाला है कि अखिलेश इसलिए मुख्यमंत्री बन पाए थे, क्योंकि वो मुलायम सिंह यादव के बेटे हैं। इन सब बातों के इतर ओपी राजभर ने आगामी 2024 लोकसभा चुनावों को लेकर भी अखिलेश को घेरना शुरू कर दिया है। राजभर ने कहा है कि लोकसभा की 80 सीटों में से सपा 60 सीटों पर उम्मीदवार उतारे और बाकी की 20 सीटें सहयोगी दलों को दे। इसको लेकर जब पत्रकार ने सवाल किया कि सपा इतनी सीट ना दे तो? जवाब में राजभर ने तेवर दिखाते हुए कहा- कैसे नहीं देंगे, क्यों नहीं देंगे? 

बता दें कि, इससे पहले राजभर ने अखिलेश और मायावती को एकसाथ आकर चुनाव लड़ने की हिदायत भी दी थी। इसके अलावा राजभर ने अखिलेश यादव को लेकर तल्ख टिप्पणी करते हुए ये भी कहा था कि अखिलेश यादव अपने पिता मुलायम सिंह यादव के कारण ही मुख्यमंत्री बन पाए थे। अपने दम पर वो एक भी चुनाव नहीं जीते। 

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