रिटायर्ड कैप्टन को अफसर ने मारी टक्कर, मदद के बजाय देखा नाटक

चंडीगढ़। एक नौकरशाह के 90 साल की रिटायर्ड कैप्टन परमजीत कौर धनोआ को टक्कर मारकर भागने के 4 दिन बाद भी अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। जिस कार ने धनोआ को टक्कर मारी वह चंडीगढ़ के पूर्व गृह सचिव अनिल कुमार की थी, जिस समय हादसा हुआ उस समय पूर्व आर्मी डॉक्टर अपने दोस्तों के साथ टैगोर थियेटर में नाटक देखने जा रही थीं। आईएएस अनिल कुमार पर आरोप है कि टक्कर मारने के बाद वे मदद करने के बजाय नाटक देखने के लिए चले गए।

उन्होंने परिवार से माफी भी नहीं मांगी और मेडिकल मदद भी नहीं की। इस घटना में धनोआ के चेहरे और सिर पर चोटें आई हैं। उनके बेटे ने बताया कि उनकी एक पसली भी टूट गई हैं। वे कमांड अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत अब स्थिर हैं। गौरतलब है कि धनोआ 1962 के भारत-चीन युद्ध में भी शामिल थीं। चंडीगढ़ पुलिस ने इस मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वहीं अनिल कुमार ने बताया कि उन्होंने हादसे के बाद धनोआ की मदद की। उन्हें कुर्सी पर बैठाया साथ ही अपनी बोतल से पानी पिलाया।

यदि उनके बेटे ने मुझे ऎसा करते नहीं देखा तो मैं क्या कर सकता हूं। हो सकता है कि इस दौरान वे ड्राइवर से बहस कर रहे हों। इस घटना के बाद वीआईपी कल्चर को लेकर एक बार सवाल उठाए जा रहे हैं। धनोआ के पोते गोविंद सिंह धनोआ ने अपने फेसबुक पर मामले की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि, अनिल कुमार और उनकी पत्नी ने मदद नहीं की और वहां से यह कहकर चले गए कि, हमें पता है कि यह हमारे ड्राइवर की गलती है।

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