कश्मीर में तीन दिन और रूकेंगे एनएसए डोभाल

श्रीनगरः केंद्र की मोदी सरकार के सबसे ताकतवर नौकरशाह एनएसए अजित डोभाल कश्मीर मुद्दे पर खासी सक्रिय हैं। इन दिनों वह कश्मीर दौरे पर हैं और धारा 370 हटने के बाद जमीन पर स्थिति की खुद निगरानी कर रहे हैं। वह वहां आम लोगों से मिल रहे हैं। उनके साथ खाना खा रहे हैं और मौजूदा परिस्थति पर बात कर रहे हैं। एनएसए डोभाल के लिए व्यक्तिगत रूप से और आधिकारिक रूप से बहुत कुछ दांव पर लगा है।

अब तक लॉकडाउन एक बड़ी सफलता रही है और स्थानीय आबादी और पाकिस्तान के बीच संपर्क को तोड़कर भारत ने एक बड़ी राजनीतिक और कूटनीतिक जीत प्राप्त की है। डोभाल खुद जमीन पर उतर कर काम कर रहे हैं, और स्थानीय लोगों से बातचीत कर उन्हें समझा रहे हैं कि उनके पास एकमात्र विकल्प भारत और उसका विकास का मॉडल है। वहाबी सलाफिज्म मत में इस्लामिक कट्टरता है, जो युवाओं को राजनीतिक जिहाद के लिए प्रेरित करती है, जो भारत के लिए सबसे बड़ी चिन्ता की बात है।

इंटरनेट पर डार्क बेब का प्रयोग कर इसका प्रचार-प्रसार किया जाता है। 4 अगस्त को पाकिस्तान का स्वतंत्रता दिवस है और 15 अगस्त को भारत स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, जब दक्षिण कश्मीर की पंचायतों में भारतीय तिरंगा लहराया जाएगा, जिसमें तनावग्रस्त सोपियां, कुलगाम, पुलवामा और अनंतनाग जिले भी शामिल हैं। बीजेपी सरकार संदेश देने के लिए जोर दे रही है कि सभी तीनों क्षेत्रों में तिरंगा लहराया जाए।

घाटी में डोभाल अर्धसैनिक बलों, सेना के कमांडरों और अन्य यूनिफाइड कमांड पिरामिड के साथ लगातार संपर्क में हैं, ताकि इस काम में तेजी आ सके। भारत इस तरह के निर्णय लेने के बाद संकल्प के इस प्रदर्शन में किसी भी बिंदु पर कमजोर नहीं दिखना चाहता। भारत सरकार के इस निर्णय के बाद समूचे विश्व की निगाह भारत की ओर है।

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