अब आप खुद ही निर्धारित करें कि आपको लड़का चाहिए या लड़की

वैवाहिक जीवन तब ही सफल माना जाता है, जब दाम्पत्य जीवन में बच्चों कि किलकारी गूंजे। वैसे तो शादी के कुछ समय बाद हर इंसन अपने बच्चे का सपना देखने लगता है और हर इंसान के मन में अपने बच्चे को लेकर कुछ न कुछ बातें चलती ही रहती है कि उसका होने वाला बच्चा लड़का हो या लड़की। अगर आप भी कुछ इस प्रकार की शंका में हैं या फिर अपने मन मुताबिक बच्चा चाहते हैं, तो आज हम आपसे इसी विषय पर चर्चा करने वाले हैं, जिसमें हम जानेंगे कि किस प्रकार से आप अपनी इच्छानुसार लड़का या फिर लड़की को संतान के रूप में पा सकते हैं। संतान प्राप्ति की इच्छा कामसूत्र में बड़े ही विधि-विधान से बताई गई है जिसके कुछ महत्वपूर्ण भाग के बारे में हम आपको यहां पर जानकारी दे रहे हैं, जिसे पढ़कर आप भी अपनी इच्छा अनुसार संतान प्राप्त कर सकते हैं।

कन्या संतान के लिए- कामसूत्र के अनुसार कन्या संतान के लिए स्त्री को हमेशा पुरुष के दाहिनी ओर सोना चाहिए। इस स्थिति में स्त्री का दाहिना स्वर चलने लगेगा और पुरुष का बायां स्वर चलने लगेगा। इसके बाद संभोग करने पर यदि गर्भधारण होता है, तो निश्चित ही आपको एक सुयोग्य और गुणवती कन्या संतान प्राप्त होगी।

पुत्र संतान के लिए- कामसूत्र के अनुसार इसके लिए स्त्री को हमेशा पुरुष के बाएं तरफ सोना चाहिए। कुछ देर बाएं करवट लेने से दायां स्वर और दाहिनी करवट लेने से बायां स्वर चालू हो जाता है। ऐसे में दाईं ओर लेटने से पुरुष का दायां स्वर चलने लगेगा और बाईं ओर लेटी हुई स्त्री का बायां स्वर चलने लगता है। यदि ऐसा संभव हुआ तभी संभोग करना चाहिए। इस स्थिति में अगर गर्भधारण हो गया तो अवश्य ही पुत्र रत्न की प्राप्ति होती है। साथ ही इसके विपरीत नियमों को अपनाने पर संतान के रूप में कन्या की प्राप्ति होती है।

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