अब जन-धन खातों में नगदी जमा सीमा 50 हजार रुपये

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पुरानी बड़े नोटों पर प्रतिबंध के बाद अब प्रधानमंत्री जन-धन योजनाओं के खातों में बड़ी मात्रा में नगदी जमा की जा रही हैं। इस खबर के बाद वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को जन-धन खातों में नकदी जमा करने की सीमा घटाकर 50,000 रुपये तक कर दी। 

आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास के मुताबिक, प्रधानमंत्री जन-धन योजना के खातों में कुछ लोग अपना काला धन जमा कर रहे थे। यही वजह है कि अब जन-धन खातों में सिर्फ 50 हजार रुपये ही जमा किए जा सकेंगे। खबरों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सोमवार की रात वित्त मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक के अधिकारियों के साथ नोटबंदी के मसले पर हुई दूसरी समीक्षा बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया। 

सचिव दास ने कहा कि जन-धन के खातों पर नजर रखी जा रही है। ताकि जन-धन खाताधारक अपने खाते का किसी दूसरे को उपयोग न करने दें। इधर, अन्य बैंक खातों के संबंध में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि जिन खातों में डेढ़ या दो लाख रुपये जैसी छोटी राशि जमा हो रही है, उनकी जांच करने की फजीहत मोल नहीं ली जाएगी। 

बता दें, इस समय एटीएम से प्रतिदिन अधिकतम 2,500 रुपये निकाले जा सकते हैं, जबकि बैंकों से अधिकतम 4,500 रुपये के पुराने अमान्य नोट बदले जा सकते हैं। वहीं बैंक काउंटर से हर सप्ताह अधिकतम 24,000 की नकद निकासी की जा सकती है। 

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