अब इस ब्रीड के डॉग करेंगे पीएम मोदी की सिक्योरिटी के लिए काम

नई दिल्ली: पीएम नरेंद्र मोदी की सिक्योरिटी का जिम्मा विशेष सुरक्षा बल के पास है। अब PSG की दस्ते में पहली बार देशी नस्ल के कुत्ते मुधोल हाउंड को शामिल भी किया जा चुका है। जिसके उपरांत से मुधोल हाउंड भी पीएम सिक्योरिटी में शामिल होने वाले है। मुधोल हाउंड ब्रीड के कुत्ते इतने स्मार्ट होते हैं कि वे पहले से इंडियन फाॅर्स और कई सिक्योरिटी फोर्स में काम कर रहे है। लेकिन, अब इन्हें प्रधानमंत्री सिक्योरिटी के लिए PSG ने अपने दस्ते में शामिल किया है। यहां तक कि प्रधानमंत्री मोदी भी मन की बात में इसका जिक्र भी कर चुके है। ऐसे में जानते हैं कि आखिर इस ब्रीड के कुत्ते क्यों खतरनाक होते हैं और इन कुत्तों की क्या खास बात भी हो सकती है,  इसके कारण से इन्हें सिक्योरिटी फोर्स में शामिल भी किया जा सकता है। तो जानते हैं पीएम मोदी ने इस ब्रीड के कुत्तों के लिए क्या कहा है और इन कुत्तों में क्या खूबियां होती हैं…

पीएम मोदी ने मुधोल हाउंड के लिए क्या कहा था?: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2020 में अपने मन की बात कार्यक्रम में देशी नस्ल के कुत्ते मुधोल हाउंड का जिक्र भी किया जा चुका है जो कर्नाटक की खास ब्रीड मानी जाती है। इसके साथ ही वर्ष 2018 में भी उन्होंने एक रैली में इसका जिक्र किया था। जिसके उपरांत से इन कुत्तों की डिमांड और भी ज्यादा बढ़ चुकी है। मूधोल हांउड जर्मन शेफर्ड जितना अच्छा है। यह अपराधों का पता लगाने में अधिक आक्रामक और तेज है। बता दें कि BSF और स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स और बांदीपुर के वन मंत्रालय की टीम में पहली बार मूधोल ब्रीड को शामिल कर दिया गया था। जिसके पूर्व इंडियन आर्मी फोर्स, CRPF और अलग-अलग राज्यों के पुलिस स्क्वॉयड में अपनी सेवा दे चुके हैं। वैसे अभी कई अन्य ब्रीड के कुत्तों पर भी रिसर्च किया जा रहा है और उन्होंने अलग-अलग चीजों में इसे शामिल कर लिया गया है।

क्यों खास है ये ब्रीड?: इन कुत्तों को हंटिंग और रखवाली के टैलेंट के लिए भी पहचाना जाता है। बोला जा रहा है कि मुधोल हाउंड का नाम मुधोल (वर्तमान बागलकोट में) के तत्कालीन साम्राज्य से मिला है, जिसके शासकों ने सबसे पहले उन्हें पालना भी शुरू कर दिया है। दिखने में ये कुत्ते काफी पतले दुबले होते हैं, लेकिन हंटिंग के केस में ये कुत्ते बहुत तेज होते हैं। ये कुत्ते दौड़ने में भी माहिर होते हैं और बहुत चालाक भी माने जाते हैं। इसके अलावा इनके देखने और सूंघने की शक्ति भी तेज भी कर सकते है।

खबरों का कहना है कि मुधोल हाउंड को सबसे पहले मुधोल के तत्कालीन दक्कन साम्राज्य के राजा मालोजीराव घोरपड़े ने पाला था। ये कुत्ते बहुत तेज कहे जाते है, इसलिए आदिवासी भी उन्हें पालना पसंद करते थे और एक बार राजा ने इंग्लैंड के डेलिगेट्स को भी ये कुत्ते गिफ्ट में दे दिए गए है।

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