नॉर्थ कोरिया ने न्यूक्लियर सेंटर शुरू करने की घोषणा की, अमेरिका को दी हमले की धमकी

By Sudarshan Sharma
Sep 15 2015 03:16 PM
नॉर्थ कोरिया ने न्यूक्लियर सेंटर शुरू करने की घोषणा की, अमेरिका को दी हमले की धमकी

सियोल : नॉर्थ कोरिया ने 'यांगयोन न्यूक्लियर साइंटिफिक रिसर्च सेंटर' शुरू करने की घोषणा की है. अंतराष्ट्रीय दबाव के बावजूद भी नॉर्थ कोरिया न्यूक्लियर पावर बढ़ाने के लिए चोरी छुपे काम कर रहा है. एक ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार नॉर्थ कोरिया का कहना है कि हमारा देश न्यूक्लियर पावर में 'क्वांटिटी और क्वालिटी' को ध्यान में रखकर इजाफा कर रहा है. रिपोर्ट में अमेरिका पर हमले की धमकी भी दी गई है.

यांगयोन रिएक्टर को 2007 में बंद कर दिया गया था. यह रिएक्टर नॉर्थ कोरिया की राजधानी प्योंगयांग से 90 किलोमीटर दूर स्थिति है. यह रिएक्टर न्यूक्लियर वीपन्स के लिए प्लूटोनियम का मुख्य जरिया है. नॉर्थ कोरिया 2006, 2009 और 2013 में न्यूक्लियर परिक्षण कर चुका है. विश्व की छह बड़ी ताकतों के साथ नॉर्थ कोरिया की बातचीत साल 2009 से ही बंद है. अमेरिका और बाकी पांच ताकतें नॉर्थ कोरिया के न्युक्लियर प्रोग्राम को बंद करना चाहती हैं. 

रिपोर्ट में कहा गया है कि दुश्मन देश अमेरिका की किसी भी धमकी का जवाब देने के लिए उनके एटमी हथियार तैयार हैं. रिपोर्ट में नॉर्थ कोरिया ने दावा किया है कि उसके पास ऐसे वॉरहेड मौजूद हैं जिन्हें मिसाइल पर फिट करके दुश्मन पर दागा जा सकता है.

यांगयोन न्यूक्लियर साइंटिफिक रिसर्च सेंटर

यांगयोन न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर की स्थापना नॉर्थ कोरिया और USSR (बंटवारे के पहले रूस) के बीच 1950 में हुई डील के बाद की गई थी. सेंटर पर करीब 3321 करोड़ रुपए खर्च कर इसे 1964 में तैयार कर लिया गया. सेंटर को 1965 में सोवियत यूनियन से रिसर्च के लिए IRT-2000 रिएक्टर दिया गया था. नॉर्थ कोरिया के न्यूक्लियर रिसर्च और डेवलपमेंट में इस सेंटर को सबसे खास माना जाता है. ये रिसर्च सेंटर जनरल डिपार्टमेंट ऑफ एटॉमिक एनर्जी के 4 अहम न्युक्लियर इंस्टीट्यूट्स में से एक है.