रिश्वतखोरी के लिए हमारे पास कोई प्रत्यक्ष सबूत नहीं हैः इटली के जज

रोम : 3600 करोड़ के विवादित अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले के मामले में फैसला सुनाने वाली इटली की कोर्ट के जज का कहना है कि किसी भी भारतीय नेता के खिलाफ प्रत्यक्ष सबूत नहीं है। जज के अनुसार, एंग्लो-इटली के हेलिकॉप्टर फर्म के पक्ष में सौदा कराने के एवज में कथित रिश्वतखोरी को लेकर किसी भारतीय नेता के संबंध में कोई प्रत्यक्ष सबूत नहीं है।

इस मामले में फैसला सुनाने वाले जज मार्को मारियो मैगा ने टीवी चैनलों से बातचीत के दौरान कहा कि एक संभावना है, लेकिन प्रत्यक्ष सबूत नहीं है। ये बाते उन्होने तब कही जब उनसे पूछा गया कि क्या वो मानते है कि इटली के बिचौलियों ने भारतीय नेताओं को रिश्वत की पेशकश की थी।

आगे उन्होने कहा कि उनका फैसला हेलीकॉप्टर डील में कंपनी के अधिकारियों और बिचौलियों के खिलाफ था, जिन्होने कहा था कि डील के लिए उन्होने रिश्वत दी थी। अब यह भारतीय जांच एजेंसी पर है कि वो इस लेन-देन का पता लगाए। मैगा ने कहा कि लोगों की पहचान करना इटली की अदालत का काम नहीं था।

हम साफ करते है कि हमारा फैसला इटली के दो व्यापारियों पर था। आगे की बातें दस्तावेजों पर निर्भर करती है, जिसमें पूर्व वायु सेना अध्यक्ष एस पी त्यागी के परिवार को अप्रैल 2012 में धन मिलने की बात कही गई है। गुइदो हाश्के, कालरे गेरोसा और क्रिश्टियन माइकल ने अदालत में आरोप लगाया है कि धन शशि तत्कालीन वायु सेना प्रमुख के साथ त्यागी परिवार को दिया गया।

त्यागी ने कथित रिश्वतखोरी में अपनी संलिप्तता से इंकार किया है। भारत द्वारा मिले सहयोग के बारे में उन्होने कहा कि हमारे पास सीएजी की रिपोर्ट की कॉपी, अनुरोध पत्र की कॉपी, समझौते की कॉपी के अलावा कुछ भी नहीं था। भारत की ओर से तथ्यों के स्पष्टीकरण में दिलचस्पी नहीं दिखाई गई।

उन्होंने कहा कि हम उसी का संज्ञान ले सकते हैं, जो हमारे पास भेजा गया। मामले में अभियोजक द्वारा अहस्ताक्षरित नोट का हवाला दिए जाने पर जज ने कहा कि उनमें से एक आरोपी ने कहा कि उसे याद नहीं है जबकि दूसरे आरोपी ने आरोप लगाया कि वह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल थे।

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