H-1B वीजा पर फ़ीस का प्रावधान हुआ खत्म

H-1B वीजा को लेकर भारतीय आईटी कम्पनियों को हाल ही में खुशियों की सौगात मिली है. मामले में यह बताया जा रहा है कि यूएस कांग्रेस के द्वारा हाल ही में H-1B वीजा पर लगाये जाने वाले 2 हजार डॉलर की फ़ीस को खत्म कर दिया गया है. आमतौर पर इस फ़ीस को आउटसोर्सिंग फ़ीस का नाम दिया जाता है और इसे भारतीय आईटी कम्पनियों से जबरन वसूला जाता है. H-1B वीजा के मामले में भारतीय कम्पनियों का यह कहना है इस वीजा के जरिये अमेरिका आने वाले क्‍वालि‍फाइड आईटी प्रोफेशनल्‍स पर जो फ़ीस लगाई जाती है वह एक भेदभाव के रूप में सामने आती है. गौरतलब है कि यूएस कांग्रेस ने वर्ष 2010 के दौरान 50 प्रतिशत से भी अधिक विदेशी कर्मचारियों वाली कम्पनियों के लिए H-1B को लाकेर 2 हजार डॉलर फीस लगाने से जुड़ा कानून पेश कि‍या था.

जबकि 10 अगस्‍त 2010 को एक कानून को पास किया गया जिसमे यहाँ क्‍वालीफाई करने वाली सभी कंपनि‍यों के लि‍ए H-1B और L-1 वीजा को लेकर प्रति‍ आवेदन की फीस को बढ़ाये जाने का भी प्रावधान सामने आया था, इस दौरान जहाँ H-1B की फीस 2 हजार डॉलर करने का प्रावधान था वहीँ L-1 की फीस 2,250 करने का प्रावधान सामने आया था. और इसके साथ यह खबर भी सामने आई कि इस दौरान आईटी कम्पनियों को टारगेट बनाया गया था.

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