श्रीलंका में हालात न बदलने पर अन्नाद्रमुक ने जताई चिंता

चैन्नई : तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक द्वारा तमिलों के पारंपरिक इलाके में श्रीलंकाई सेना ने भी अपना कब्जा जमाया। इस दौरान उन्होंने मामले से जुड़ी रिपोर्टस पर चिंता जताई। मामले में अन्नाद्रमुक द्वारा श्रीलंका में सरकार बदलने के बाद भी हालात न बदलने पर चिंता जताई गई। मिली जानकारी के अनुसार पार्टी प्रमुख एम. करूणानिधि द्वारा कहा गया है कि श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रिपाला सिरिसेना द्वारा तमिलों के समर्थन से चुनाव जीत लिया गया। दूसरी ओर निर्वाचन से पूर्व तमिल प्रभाव वाले क्षेत्र से सेना हटाने का वादा किया गया। मामले में कैलिफोर्निया में ओकलैंड इंस्टीट्युट की रिपोर्ट में कहा गया है कि वहां करीब 1.6 लाख श्रीलंकाई सैनिक मौजूद हैं, दूसरी ओर  अधिकांश सिंहली हैं।

दूसरी ओर मामले में बयान के दौरान कहा गया है कि करूणानिधि द्वारा यही कहा गया है कि नई सरकार द्वारा तमिलों के अधिकार के लिए भारत के हस्तक्षेप की आवश्यकता बताई गई है। उल्लेखनीय है कि नई सरकार द्वारा सत्ता संभालने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा गया था।

जिसके बाद तमिलों के अधिकार के लिए वहां भारत के हस्तक्षेप की आवश्यकता है। उल्लेखनीय है कि श्रीलंकाई सीमा में भारतीयों के मछुआरों द्वारा गलती से प्रवेश करने के बाद इन मछुआरों को बंधक बना लिया गया था बाद में राजनीतिक हस्तक्षेप के बाद दोनों देशों ने इस मसले पर चर्चा की थी।

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