मजदूरों से वसूला पूरा किराया लेकिन, रेलवे नहीं किया खाने-पिने का इंतजाम

कोरोना संक्रमण के चलते देशभर में लॉकडाउन लगा हुआ है. लॉकडाउन के बीच दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों को उनके गृह राज्यो में भेजने का काम रेलवे कर रहा है. गुजरात के सूरत से बिहार के मधुबनी के लिए मजदूरों को लेकर चली रेलवे की श्रमिक स्पेशल ट्रेन बुधवार को जबलपुर पहुंची. यूं तो जबलपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचते ही रेलवे के कर्मचारियों और जीआरपी ने तालियां बजाकर मजदूरों का जोरदार स्वागत किया लेकिन ट्रेन के अंदर की हालत देखकर रेलवे की अव्यवस्था का पता भी चला.

दरअसल मंगलवार को सूरत से मजदूरों को लेकर निकली श्रमिक स्पेशल ट्रेन में पुरुष, महिलाएं और बच्चे मौजूद थे. ट्रेन की बोगियों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नदारद था. मजदूरों का भूख और प्यास से बुरा हाल हो रहा था. आईआरसीटीसी ने मजदूरों के लिए स्टेशन पर भोजन और पानी का प्रबंध किया था, लेकिन मजदूरों ने इस पूरे इंतजाम पर ही सवाल खड़े कर दिए. मजदूरों का इस पर कहना था कि रेलवे ने हमसे यात्रा का पूरा किराया लिया लेकिन जबलपुर स्टेशन पर जो खाना हमें दिया गया, उससे बदबू आ रही थी. प्यासे मजदूरों के लिए पानी की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी. पानी के नाम पर एक जगह 10 बोतलें रख दी गई थीं जो यात्रियों की संख्या के हिसाब से ऊंट के मुंह में जीरे जैसी थी.

बता दें की मजदूरों ने आरोप लगाते हुए कहा कि किसी भी मजदूर को ट्रेन से नीचे नहीं उतरने दिया गया. रेलवे के अधिकारियों से वो पानी मांगते रह गए, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था. हालांकि, जीआरपी का कहना है कि आईआरसीटीसी ने मजदूरों के लिए खाने-पीने की पर्याप्त व्यवस्था की थी. जीआरपी ने बच्चों के लिए अलग से इंतजाम होने का भी दावा किया.

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