20 नवंबर को नीतीश का शपथ ग्रहण समारोह, बीजेपी का एक भी उम्मीवार नहीं

पटना : बिहार में नीतीश कुमार की नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होने वाला है लेकिन इसमें बीजेपी या एनडीए के एक भी नेता को इंट्री नहीं दी गयी है नीतीश कुमार का शपथ ग्रहण समारोह 20 नवंबर को गांधी मैदान में है और इसमें 35 नेताओं को अतिथी के रूप में शामिल किया गया है । काॅफी समय पहले से नीतीश का शपथ ग्रहण समारोह चर्चा का विषय बना हुआ था बुधवार तक खबर थी कि बीजेपी के वरिष्ठतम नेता लालकृष्ण आडवाणी, शत्रुध्न सिंन्हा को नीतीश की तरफ से शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया गया है इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी से भी नीतीश ने फोन पर बात कर शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया जिस पर मोदी ने अपनी स्वीकृति जाहिर कर दी थी ।

नीतीश सरकार आने वाले समय में अपनी रणनीती को आगे रखकर काम कर रहीं है तभी वह महागठबंधन को भविष्य में कैसे आगे मजबूत बनाए इस बात को ध्यान में रखकर ही योजना बना रही है नीतीश सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में एक भी बीजेपी नेता को शामिल ना करना यह इस बात को दर्शाता है महागठबंधन प्रमुख लालु प्रसाद यादव और नीतीश कुमार भविष्य में मोदी के खिलाफ एक नई रणनीती तैयार कर रहे है ।

अभी भविष्य में प. बंगाल, केरल के अलावा यूपी मंे भी विधानसभा चुनाव आने वाले है ऐसे में कई राजनीतिज्ञो का कहना है कि अभी ये केवल महागठबंधन की एक छोटी सी शुरूआत है जिस तरह बिहार चुनाव के नए समीकरण बने है उससे लगता है कि आने वाले समय में महागठबंधन मोदी सरकार के लिए सिरदर्द शाबित हो सकता है । नीतीश सरकार का शपथ गह्रण समारोह पहले से चर्चा का विषय बना हुआ था और अब इसमें बीजेपी के किसी उम्मीदवार को ना शामिल करना यह इस बात को दर्शाता है कि महागठबंधन बीजेपी के लिए नई रणनीती बना रही है हालांकि, अंत में एक टिप्पणी जरूर लिखी है कि और भी कई हस्तियां शपथ ग्रहण समारोह का हिस्सा हो सकती हैं यह इस बात को दर्शाता है कि महागठबंधन किसी भी विरोधी खेमे का शिकार नहीं होना चाहता है ।

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