निहार शांति आंवला ने अपने अभियान पढ़ाई पर लॉकडाउन नहीं ग्रामीण छात्रों के लिए नि:शुल्कउ शैक्षणिक पाठ्यक्रम उपलब्धण कराया

निहार शांति आंवला ने अपने अभियान पढ़ाई पर लॉकडाउन नहीं  ग्रामीण छात्रों के लिए नि:शुल्कउ शैक्षणिक पाठ्यक्रम उपलब्धण कराया


जयपुर 13 मई 2020  – बच्चों  की शिक्षा हमारे देश की प्रगति की आधारशिला है और किसी भी परिस्थिति में शिक्षा बाधित नहीं होनी चाहिए  इस धारणा को ध्यालन में रखते हुए निहार शांति आंवला ने कोविड-19 विशेष अभियान की घोषणा की है। इस अभियान को पढ़ाई पर लॉकडाउन नहीं का नाम दिया गया है।

इस पहल के तहत निहार शांति आंवला द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि उनके फ़ोन उठाओ इंडिया को पढ़ाओ प्रोग्राम के जरिए छात्र अपने घरों पर रहते हुए भी अपनी पढ़ाई.लिखाई जारी रख सकें। उक्तक प्रोग्राम पिछले वर्ष शुरू किया गया था। ब्रांड ने पाठशालाफनवाला एप्प  के जरिए वर्चुअल क्लाशसेज भी उपलब्ध  कराया है। इस एप्पल को गूगल प्लेस्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।

फ़ोन उठाओ इंडिया को पढ़ाओ प्रोग्राम के जरिएए ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले बच्चे  अंग्रेजी बोलना सीखते हैं और इसका अभ्यायस करते हैं। छात्रए टोलफ्री नंबर पर कॉल कर सकते हैं और शहर में रहने वाले किसी बड़े व्येक्ति ;वालंटियर की मदद से फोन पर बातचीत के जरिए अपने अंग्रेजी मॉड्युल्स  जारी रख सकते हैं। मौजूदा स्थिति में जहां लोग घरों पर रहकर काम कर रहे हैं और उनके पास सहायता के लिए संभावित रूप से अतिरिक्तस समय हो सकता हैए ब्रांड द्वारा शिक्षित शहरी उपभोक्ताोओं को आमंत्रित किया जा रहा है कि वो हफ्ते भर के अपने समय में से मात्र 10 मिनट समय स्वेवच्छापूर्वक दें और फोन संवादों के जरिए इन छात्रों को अंग्रेजी बोलने का अभ्याास करने में सहायता करें।

इस प्रोग्राम को आगे बढ़ाने और वर्चुअल तरीके से शिक्षा के अन्यव अवसरों को शामिल करने के उद्देश्य  सेए निहार शांति आंवला ने एएएस विद्यालय के सहयोग से पाठशालाफनवाला एप्पश पर स्कूरली पाठ्यक्रम भी उपलब्ध् कराया है। अभीए सीबीएसई उत्तेर प्रदेश और एनओआईएस बोर्ड के अनुसार डिजाइन किये गये 6वीं.10वीं कक्षा का स्कूमली पाठ्यक्रम एप्प  पर उपलब्ध् है। छात्रों के लाभ के लिएए उन्हेंस अंग्रेजी और हिंदी भाषाओं में अध्या यों को पढ़ाया जाता है। ये शिक्षण सत्र वीडियोज के रूप में हैंए जो लगभग 15 मिनट तक के हैं। पढ़ाये गये सबक को बेहतर और स्पष्ट् तरीके से समझने के लिएए छात्र इस एप्पक के जरिए शिक्षकों के साथ संवाद भी कर सकते हैं।

इन पहलों के बारे में बताते हुए कोशी जॉर्ज मुख्य  विपणन अधिकारीए मैरिको ने कहा निहार शांति आंवला ने हमेशा से यह माना है कि शिक्षा राष्ट्रर के विकास की आधारशिला है। कोविड.19 महामारी ने शिक्षा की निरंतरता के लिए गंभीर चुनौतियां पैदा की है। हम इस बात को समझते हैं और छात्रों के लिए लॉकडाउन के दौरान भी पढ़ाई.लिखाई सुनिश्चित करने हेतु हमने यह प्रोग्राम शुरू किया है। इसके जरिएए शहरों में रहने वाले वयस्के अपने घरों से भी गांवों के बच्चोंन को अंग्रेजी बोलना सीखा सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले छात्र आसान सुविधाजनक फोन.आधारित माध्यकम के जरिए कभी भी और कहीं भी अंग्रेजी सीखने की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। हमने पाठशालाफनवाला एप्पे पर अन्य  विषयों के भी पाठ्यक्रमों की पढ़ाई उपलब्धी कराने हेतु एएएस विद्यालय के साथ सहयोग किया है। इसमें कक्षा 6 से कक्षा 10 तक के छात्रों के लिए सीबीएसईए यूपी और एनओआईएस बोर्ड के अनुसार पाठ्यक्रम उपलब्धक हैं। हमें विश्वाकस है कि इन पहलों के जरिएए हम साथ मिलकर इन बच्चोंि के जीवन में सकारात्मएक बदलाव ला सकते हैं और विश्वारसपूर्णए शिक्षित युवा भारत के निर्माण की दिशा में प्रयास कर सकते हैं।

निहार शांति आंवला देश के दूर.दराज के क्षेत्रों में रहने वाले वंचित  बच्चों को शिक्षित करने के अपने मिशन को सुदृढ़ करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है। इस हेतुए यह सर्वोत्त्म तकनीकों को उपयोग में ला रहा हैए ताकि यह न केवल छात्रों तक पहुंचकर उनके साथ जुड़कर उन्हेंर शिक्षित कर सके बल्कि शिक्षा के बेहतर परिणाम भी प्रदान कर सके।

पिछले कुछ वर्षों मेंए निहार शांति पाठशालाफनवाला ने ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए बड़े पैमाने पर प्रोग्राम्सप चलाये हैं। इन प्रोग्राम्स  का 7500 से अधिक गांवों पर सकारात्माक प्रभाव पड़ा है और पिछले वर्षए इन गांवों के लिए 3 लाख बच्चोंं से 10 लाख कॉल किये गये हैं।
 

यूजर ने उड़ाया अर्जुन रामपाल की गर्लफ्रेंड के होठों का मजाक, मिला मुंहतोड़ जवाब

रेलवे ने किया बड़ा ऐलान, इस दिन से होगा मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन

लाईकी ने मदर्स डे पर जारी किया वीडियो जिसमें लॉकडाउन में फंसे लोगों ने दिए हैं अपनी माताओं को दिल छूने वाले संदेश