रतौंधी का कारगर इलाज

रतौंधी आंखों की एक बीमारी है. इस रोग के रोगी को दिन में तो अच्छी तरह दिखाई देता है, लेकिन रात के वक्त वह नजदीक की चीजें भी ठीक से नहीं देख पाता. रोगी की आँखों की जाँच के दौरान पता चलता है कि आँखों का कॉर्निया सूख-सा गया है और आई बॉल धुँधला व मटमैला-सा दिखाई देता है. इसमें उपतारा (आधरिस) महीन छिद्रों से युक्त दिखता है तथा कॉर्निया के पीछे तिकोनी सी आकृति नजर आती है. आँखों से सफेद रंग का स्त्राव होता है.

इस बिमारी से निपटने के लिए आपको रोजाना करेला खान चाहिए. करेले के रस में पिसी काली मिर्च अच्छी तरह मिलाएं. यह लेप आंखों के बाहरी हिस्से पर लगाने से रतौंधी की बीमारी दूर होती है. इसमें विटामिन ए अधिक होने के कारण यह आंखों की रोशनी के लिए बहुत अच्छा होता है. 

जिन लोगों को रतौंधी की बीमारी होती है उन्हें इसका इस्तेमाल करना चाहिए. इसके पत्तों के रस का लेप थोड़ी सी काली मिर्च मिलाकर लगाना चाहिए. रतौंधियों में शाम होते ही अचानक दिखना बंद हो जाता है और जैसे ही सुबह सूरज निकलता है आंखें बिल्कुल सामान्य हो जाती है. रतौंधी में करेले का इस्तेमाल काफी फायदेमंद होता है. करेले में विटामिन सी भी भरपूर मात्रा में पायी जाती है. जिस कारण इसका इस्तेमाल शरीर में मॉस्चर बनाये रखता है.

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