NIA करेगी सिमी सदस्यों के जेल तोड़कर भागने की जांच

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के केंद्रीय कारागार से सिमी के सदस्यों द्वारा फरार हो जाने (भोपाल जेल ब्रेक मामला) के मामले में राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि इसकी जांच केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा की जाएगी। मुख्यमंत्री पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री शिवराज ने इस मौके पर कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से इस पूरे मामले में चर्चा हुई है। एनआईए इस घटना की पूरी जांच करेगी।

उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सतर्कता के चलते सिमी के 8 आतंकियों को समाप्त किया गया। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि इस घटना के बाद एडीजी जेल को पुलिस हैडक्वार्टर में अटैच कर दिया गया है। तो दूसरी ओर जेल में ड्युटीरत अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। जांच कार्रवाई के दौरान दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई करने का आश्वासन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिया है। उन्होंने कहा है कि जेल तोड़कर भागने का अपराध राजद्रोह की सीमा तक है।

उन्होंने कहा कि जो आतंकी फरार हुए थे उन्हें लेकर जानकारी देने वाले को सरकार 5 लाख रूपए का ईनाम देगी। उन्होंने पुलिसकर्मियों और जेल अधिकारियों को लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित करने की बात भी कही है। गौरतलब है कि सिमी के 8 आतंकी भोपाल की केंद्रीय जेल से फरार हो गए थे। पुलिस अधिकारियों द्वारा कहा गया कि आतंकियों ने फरार होने के लिए बेडशीट का सहारा लिया।

उन्होंने बेडशीट बांधकर उसका उपयोग रस्सी की तरह किया और जेल की दीवार फांद ली। भागते समय आतंकियों ने गार्ड को मार दिया था जबकि दूसरा गार्ड घायल हो गया। इन आतंकियों को इंतिखेड़ी गांव में पुलिस ने मार दिया है। यह क्षेत्र भोपाल से करीब 10 किलोमीटर दूर है।

आतंकी शेख मुजीब, खालिद, मजीद, अकील, खिलजी, जाकिर, महबूब, अमजद, और सलिख जेल से भाग निकले थे। इन आतंकियों ने जेल के गार्ड रमाशंकर की हत्या कर दी थी। गौरतलब है कि यही आतंकी वर्ष 2013 में खंडवा जेल से फरार हो गए थे। पुलिस ने कुछ समय के बाद इन्हें पकड़ लिया था लेकिन आज फिर ये आतंकी फरार हो गए थे। ग्रामीणों की सूचना के बाद इन आतंकियों को घेर लिया गया और सुरक्षाबलों ने इन्हें घेरकर मार दिया।

राज्य मंत्रिमंडल मे 75 वर्ष की बाध्यता से बची महिला जेल मंत्री कुसुम महदले फिर मुश्किल मे है।भोपाल जिला जेल से सिमी के खूंखार आतंकियो के फरार होने का मामला उन्हे भारी पड सकता है जिसमे सुरक्षा के नजरिए से वे नाकाम साबित हुई है। सूत्रो की माने तो प्रदेश के गृह विभाग ने पूर्व मे कई बार जेल महकमे को जेलो की सुरक्षा के प्रति आगाह किया है लेकिन जेल विभाग ने इसे गंभीरता से नही लिया ।अब जेल ब्रेक की इस घटना को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बेहद गंभीरता से लेकर पूरी रिपोर्ट तलब की है और जेल मंत्री महदले को बुलाया है ।ऐसा माना जा रहा है इस प्रकरण मे कुसुम महदले की मंतिमंडल से छुट्टी तक हो सकती है।

इस घटना की कांग्रेस ने निंदा की है इस मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री कमलनाथ का कहना था कि जिस तरह से आतंकियों को मार दिया गया है उस पर सवाल उठ रहे हैं। अब आतंकियों को लेकर जानकारी मिलने की कोई संभावना नहीं है कि जेल से फरार होने के लिए आतंकियों ने किस तरह के कदम उठाए। आईबी ने स्पष्टतौर पर सिमी के फरार और अंडरग्राउंड आतंकियों को लेकर चिंता जताई है। खुफिया एजेंसियों को सिमी के इन सदस्यों को लेकर कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। ऐसे में यह बड़ी परेशानी बन गया है। हालांकि सिमी के उत्तरप्रदेश से फरार हुए 80 आतंकियों से अधिक खतरे के अंदेशे की बात खुफिया एजेंसियों ने कही है।

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