सात राज्य जल्दी दे प्रदूषण से जुड़ा डेटा वरना चीफ सेक्रेटरी जेल में

May 30 2016 04:00 PM
सात राज्य जल्दी दे प्रदूषण से जुड़ा डेटा वरना चीफ सेक्रेटरी जेल में

नई दिल्ली : नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल ने सात राज्यों पर प्रदूषण के मामले में नकेल कसी है। सोमवार को एनजीटी ने सात राज्यों के 15 शहरों में बढते प्रदूषण को लेकर दी गई याचिका पर सुनवाई की। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल ने 15 शहरों के एयर क्वालिटी का ब्योरा एनजीटी को भेजा था।

एनजीटी ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि सभी राज्यों के अधिवक्ता अगर मंगलवार तक ये नहीं बताते है कि उनके राज्य का कौन सा शहर सबसे अधिक दूषित है, तो राज्य के चीफ सेक्रेटरी के खिलाफ वारंट जारी किया जाएगा।

हैवी उद्दोग मंत्रालय ने बड़े शहरों में डीजल गाड़ियों पर बैन न लगाने को लेकर एनजीटी में इंटरवेंशन एप्लीकेशन दिया था। एनजीटी ने कहा है कि ये राज्य हर हाल में मंगलवार तक बताए कि इनकी जनसंख्या कितनी है। वाहन कितने है औऱ ये आंकड़े इसी माह के होने चाहिए।

देश के 11 बड़े शहरों को लेकर एनजीटी ने सेंट्रल पॉल्यूशन बोर्ड को 30 मई तक बढ़ते प्रदूषण के कारण इन शहरों की एयर क्वालिटी का डेटा सौंपने को कहा था। इन शहरों में लखनऊ, पटना, पुणे, बंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता, मुंबई, कानपुर, जालंधर, वाराणसी, अमृतसर शामिल हैं।

एनजीटी सरकार को जनवरी में ही बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार को कड़े कदम उठाने का आदेश दे चुका है। लेकिन एजेंसी और सरकार की निष्क्रियता के कारण अब तक प्रदूषण कम नहीं हो रहा है।