दिल्ली विधानसभा से दोबारा पास करवाया जाएगा वैट कानून

नई दिल्ली : दिल्ली कैबिनेट ने एलजी के दखल के बाद वैट कानून में बदलाव किया है। पिछले साल बजट के दौरान दिल्ली सरकार ने वैट अधिकारियों को चार्जशीट दायर करने का अधिकार दिया था, जिसे बिना एलजी नजीब जंग की मंजूरी के दिल्ली विधानसभा से पास करवाया गया था।

इसके एक माह बाद जंग ने इस बिल को यह कहते हुए लौटा दिया था कि इसमें कुछ गड़बड़ी है। गड़बड़ियों से उनका तात्पर्य कई ऐसे अधिकारों से था, जो दिल्ली सरकार अपने वैट अधिकारियों को नहीं दे सकती, लेकिन फिर भी इस बिल के जरिए दे दिए गए।

बुधवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में दिल्ली सरकार ने उस हिस्से को बिल से हटा दिया। इसके तहत वैट अधिकारियों को पुलिस की ताकत देने की बात कही गई थी। अब तक अधिुकारियों को केवल उन मामलों में कार्रवाई करने का अधिकार है, जो वैट कानून के दायरे में आए।

बुधवार को केजरावील सरकार ने वैट कानून के तहत आने वाले मामलों के निपटारे के लिए एक खास कोर्ठ बनाने की मंजूरी दी। इस मामले में सरकार एक सरकारी वकील भी नियुक्त करेगी। नए बिल में यह भी साफ किया गया है कि यदि वैट की चोरी एक करोड़ से अधिक हुई, तो उसकी अधिकतम सजा 2 साल की होगी।

एक से अधिक बार पकड़े जाने पर सजा के साथ-साथ पेनाल्टी भी लगेगी। अब इसे दिल्ली विधानसभा में पास करने से पहले एलजी के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। विधायकों की सैलरी बढ़ाने के मामले में भी एलजी की आपत्ति के बाद इसे दोबारा विधानसभा से पास कराया गया था।

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