नया न्यूनतम वेतन अधिनियम जल्द ही,15000 प्रति माह मिल सकते है!

कोलकाता: श्रमिक और उद्योग सम्बन्धो को सुधारने की मंशा से केंद्रीय श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने नई क्रांति लाने के लिए सीआईआई (CII) के एक समारोह के मौके पर यहां पत्रकारों के साथ जानकारी साझा करते हुए बताया की मंत्रालय ज़ोर शोर से श्रमिक क्रांति लाने के लिए काम कर रहा है। 

PM मोदी की मेक इन इंडिया की मुहिम को बल देने के लिए बंडारू दत्तात्रेय मानते है श्रमिक क्रांति लाना जरूरी है। श्रमिक और उद्योग सम्बन्धो को मजबूत करने के लिए श्रमिकों को शक्ति देना आवश्यक है, 44 कानूनों को चार विशिष्ट नियम में संयुक्त किए जाने की योजना है। मजदूरी नियम , औद्योगिक संबंधों नियम , सामाजिक सुरक्षा नियम और काम की परिस्थितियों और सुरक्षा पर नियम, यहाँ चार ही कानून के अंतर्गत राज्यो को काम करना होगा । 

फिलहाल मे न्यूनतम वेतन मजदुर वर्ग के लिए 160 रुपए प्रति दिन है  (4160 प्रति माह). दत्तात्रेय ने कहा, " मंत्रालय पहले ही राज्य सरकारों और श्रमिक संघ से बात कर चूका है . न्यूनतम वेतन वैसे तो राज्य सरकार ही तय करती है, श्रमिक संघ न्यूनतम वेतन बढाती महंगाई और श्रमिक कल्याण के लिए बढ़ा कर सीधा 15000 प्रति माह करना चाहती है. मंत्रालय फैक्ट्री बंद होने के मामले में 15 दिन के न्यूनतम वेतन को बड़ाके 45 दिन करने के लिए विचाराधीन है. सरलीकरण, युक्तिकरण और कानूनी बाध्यता हटाने के लिए इन 50 साल पुराने कानूनो को रद्द करना आवश्यक है " . 

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -