गूगल के इस प्रोडक्ट में एआई तकनीक का इस्तेमाल

गूगल ने वर्चुअल असिस्टेंट सर्विस को अपग्रेड किया था है. ये  वर्चुअल असिस्टेंट हैं ‘गूगल डुप्लेक्स’. ‘गूगल डुप्लेक्स’ को कंपनी ने अपने वार्षिक डेवलपर्स सम्मेलन में पेश किया था. ये सम्मेलन कैलिफोर्निया के माउंटेन व्यू में आयोजित किया गया था. ‘गूगल डुप्लेक्स’ में आवाज पर आधारित एआई तकनीक का उपयोग किया गया है. इस तकनीक  का उपयोग कंपनी ने इसलिए किया है ताकि ये मानव की तरह काम कर सके.  

गूगल के वार्षिक डेवलपर्स सम्मेलन में पेश किये गए सभी  प्रोडक्ट्स और इनोवेशन्स में से सबसे अधिक ध्यान आकर्षित गूगल असिस्टेंट ने किया है.  हालांकि इस तकनीक को लेकर कई तरह की बहस की जा रही है. इससे अच्छे फैसले के साथ बुरा फैसला भी कहा जा रह है.

गूगल ने कहा है कि  ‘गूगल डुप्लेक्स’  ये जानता है कि वो एक सॉफ्टवेयर है और इसमें कोई भी शंका नहीं है. इससे जुडी एक रिपोर्ट में सामने आया है कि ‘गूगल डुप्लेक्स’ यूजर्स के फोन को रिकॉर्ड करने से पहले उन्हें इस बात की जानकारी देगा. वार्षिक डेवलपर्स सम्मेलन जब इस  प्रोडक्ट् को सामने लाया जा रह था तब सीईओ सुंदर पिचई खुद स्टेज पर पहुंचे.  इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने गूगल के नए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाले वॉयस सर्विस और गूगल के कर्मचारी के बीच हुई बातचीत को सुना.

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