आखिरकार पारित हुआ नेपाल का नया संविधान

Sep 17 2015 04:43 PM
आखिरकार पारित हुआ नेपाल का नया संविधान

काठमांडू : आखिरकार नेपाल में संसद में नया संविधान पारित हो ही गया। तमाम झगड़े-झंझटों के बाद नेपाल को हिंदू राष्ट्र का दर्जा मिलने की ओर विधान आगे बढ़ा दिया गया। इस दौरान बहुमत के साथ नए संविधान को स्वीकृति मिली। उल्लेखनीय है कि देश को सात संघीय प्रांतों में बांटा जाएगा। इस दौरान संविधान सभा के अध्यक्ष सुभाष नेमवांग ने 601 सीटों वाली सभा में करीब 507 से 25 के अंतराल पर विधान पारित होने की घोषणा की गई। घोषणा के बाद सांसदों द्वारा संविधान पारित होने की खुशी मनाई गई।

उल्लेखनीय है कि सांसदों के हस्ताक्षर और संविधानसभा के अध्यक्ष द्वारा नए संविधान को पारित किए जाने की स्वीकारोक्ति दिए जाने के बाद इसे नेपाल का नया संविधान कहा जाएगा। मिली जानकारी के अनुसार अल्पसंख्यक समूहों के विरोध के बाद भी सभा ने संविधान को पारित कर दिया गया। नया संविधान पारित होने के बाद नेपाल सात संघीय प्रांतों में विभक्त हो जाएगा। नेपाली कांग्रेस, सीपीएन-यूएमएल ओर यूएसपीएन माओवादी दलों के सांसदों द्वारा संविधान का समर्थन किया गया है

मगर नेपाल में नए संविधान को पारित कर इसे हिंदू राष्ट्र बनाने का जमकर विरोध किया गया। जगह-जगह प्रदर्शन किए गए। छोटे दलों ने वोटिंग का बहिष्कार कर दिया। हिंदू और राजा समर्थक राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी नेपाल से जुड़े 25 सांसदों ने विधेयक के विरोध में मतदान किया। इस दौरान अधिकांश दलों ने संविधान पारित करने को लेकर होने वाली वोटिंग की प्रक्रिया का बहिष्कार भी किया।