ओली की यात्रा ने फैलाया सौहार्द और विकास का संदेश

Feb 20 2016 06:31 PM
ओली की यात्रा ने फैलाया सौहार्द और विकास का संदेश

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली भारत क्या आए ऐसा लगा जैसे भारत से उसका बिछुड़ा साथी ही मिल रहा है। भारत और नेपाल परस्पर एक अच्छे पड़ोसी और मित्र राष्ट्र रहे हैं। यह जाहिर करने की जरूरत नहीं है कि नेपाल में आए भयावह भूकंप के दौरान भारत ने एनडीआरएफ का दल भेजा था और हर तरह की मदद की थी। नेपाल को भारत ने उस समय में राहत पैकेज देने की घोषणा भी की थी और अब भी भारत ने नेपाल के लिए आर्थिक सहायता की पेशकश की है। तो दूसरी ओर भारत नेपाल की ऊर्जा जरूरत को पूर्ण करने का संवाहक बना है।

दरअसल भारत द्वारा मुजफ्फरपुर और थालकेबारी के मध्य 400 मेगावाट के बिजली ट्रांसमिशन का शुभारंभ कर दिया गया। इस ट्रांसमिशन कार्यक्रम से नेपाल को शुरूआत में 80 मेगावाट और बाद में इससे भी अधिक विद्युत का प्रदाय किया जाएगा जो कि नेपाल के विकास में सहायक होगा। नेपाल और भारत में कई तरह की समानताऐं हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नेपाली प्रधानमंत्री का स्वागत कर और नेपाल के साथ कई तरह के समझौते कर भारत ने अपने पुराने साथी को फिर अपनी ओर लिया है।

दरअसल यह कहा जा रहा था कि संविधान में परिवर्तन हो जाने के बाद नेपाल अपनी दूसरी आवश्यकताओं के लिए चीन की ओर झुक गया था और ऐसे में वह भारत के हितों को प्रभावित कर रहा था लेकिन अब नेपाल के प्रधानमंत्री ने भारत की ओर हाथ बढ़ाते हुए इस तरह की बातों से इन्कार किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाली प्रधानमंत्री की यात्रा का लाभ लेते हुए नेपाल में आयुर्वेदिक काॅलेज की स्थापना को लेकर पहल करने की इच्छा जताई है। यह भारत के विकासशील कदमों को दर्शाता है।

यह यह दर्शाता है कि भारत अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के माध्यम से अपने मित्र राष्ट्रों की सहायता के लिए तत्पर रहता है। यही नहीं आतंकवाद के मसले पर उन्होंने नेपाल से भारत का साथ देने की अप्रत्यक्ष अपील की। इस मामले में सीमा पार से होने वाले अवैध व्यापार और तस्करी के साथ आतंकवाद को रोकने की अप्रत्यक्ष बात भी की गई। नेपाली प्रधानमंत्री की भारत यात्रा को भारत के प्रधानमंत्री और अन्य राजनयिक साधने में सफल रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि मधेशियों के आंदोलन और उनके विरोध से कहीं न कहीं नेपाल को राजनीतिक तौर पर भारत का विरोधी माना जा रहा था लेकिन नेपाली प्रधानमंत्री ओली की भारत यात्रा और भारत के साथ किए गए समझौतों ने इस तरह की बातों को दूर कर दिया है। भारत द्वारा नेपाल तक सुलभ परिवहन की बातें दर्शाती हैं कि वह सौहार्दपूर्ण व्यापार और पर्यटन के लिए तो तैयार है ही साथ ही सुलभ और शीघ्र परिवहन के माध्यम से भारत कई तरह के हालातों का सामना भी आसानी से कर सकेगा। 

'लव गडकरी'