डायमंड लीग में रजत जीत कर नीरज ने कही ये बात

ओलंपिक चैम्पियन नीरज चोपड़ा ने प्रतिष्ठित डायमंड लीग में राष्ट्रीय रिकॉर्ड को ब्रेक करते हुए सिल्वर मेडल को अपने नाम किया। वह बहुत करीब से 90 मीटर दूर भाला फेंकने से चूक गए लेकिन उन्हें भरोसा है कि वह इस साल इस लक्ष्य को प्राप्त कर सकते है।  नीरज पहली बार डायमंड लीग शीर्ष तीन में जगह बनाने में कामयाब रहे। 24 वर्ष के एथलीट ने पहले ही कोशिश में 89.94 मीटर दूर भाला फेंका जिससे वह महज छह सेंटीमीटर से 90 मीटर से चूक गए। इस दौरान उन्होंने अपने 89.30 मीटर के राष्ट्रीय रिकॉर्ड को बेहतर किया जो उन्होंने 14 जून को फिनलैंड के तुर्कु में पावो नुर्मी खेलों में दूसरे नंबर पर रहकर प्राप्त कर लिया है। नीरज के अन्य थ्रो 84.37 मीटर, 87.46 मीटर, 84.77 मीटर, 86.67 मीटर और 86.84 मीटर के रहे। 

चोपड़ा ने रजत पदक जीतने के उपरांत कहा, ‘पहला थ्रो बहुत अच्छा था, मुझे अच्छा लग रहा है। ऐसा नहीं था कि पहले थ्रो में ही करना है। 90 मीटर के बहुत पास थे और लग रहा था कि कर दूंगा पर अपना सर्वश्रेष्ठ किया तो अच्छा लग रहा है।' चोपड़ा ने बोला है कि, ‘मैं अब 90 मीटर के करीब हूं और इस साल मैं ऐसा कर सकता हूं। आज नहीं जीता लेकिन मुझे अच्छा लग रहा है क्योंकि मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ किया।' 

नीरज चोपड़ा अगस्त 2018 में ज्यूरिख में डायमंड लीग मीट में चौथे स्थान पर रहे थे। वह 4 वर्ष में पहली बार डायमंड लीग में खेल रहे थे। वह सात बार डायमंड लीग मीट - 2017 में तीन बार और 2018 में 4 बार - में भाग ले चुके हैं। उन्होंने अपनी बात को जारी रखते हुए बोला है कि, ‘जब एंडरसन पीटर्स ने 90 मीटर की दूरी तय की तो मुझे भी लगा कि मुझे भी ऐसा करना होगा। मेरे दिमाग में था कि सब कुछ परफेक्ट होना चाहिए, भाला एक ही लाइन में जाना चाहिए और तकनीक परफेक्ट होनी चाहिए। जब सबकुछ परफेक्ट होगा तभी आप इतनी लंबी दूरी तक थ्रो कर सकते हो।' 

नीरज चोपड़ा ने आगे कहा है कि, ‘प्रतिस्पर्धा थी लेकिन मैं खुश हूं कि मेरे सभी थ्रो काफी अच्छे थे। मैं अपने प्रदर्शन से खुश हूं। मैं लंबे समय बाद खेल रहा हूं और अगली प्रतियोगिता में अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करूंगा।' बता दें कि नीरज चोपड़ा की नजरे 15 से 24 जुलाई तक अमरीका के यूजीन में होने वाली वर्ल्ड चैम्पियनशिप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर लगी हुई हैं।  वर्ल्ड चैम्पियनशिप में इंडिया का सिर्फ एक ही पदक है जो लंबी कूद की महान एथलीट अंजू बॉबी जार्ज ने 2003 में कांस्य पदक से प्राप्त किया था, तो क्या इससे उन पर दबाव होगा। 

इस पर उन्होंने बोला है कि, ‘नहीं, विश्व चैम्पियनशिप में एक ही पदक है, इसका कोई दबाव नहीं है। बस पूरा प्रयास करेंगे। वैसे ओरेगोन में जाकर ही पता चल सकता है। हर प्रतियोगिता, प्रत्येक दिन अलग होता है। जब मैं ओरेगोन में खेलना शुरू करूंगा तो ही पता चलेगा कि मैं ओलंपिक चैम्पियन का दबाव महसूस कर रहा हूं या नहीं।'  नीरज चोपड़ा ने कहा, ‘वैसे मैं बिना दबाव के खेलता हूं। मैं कड़ी ट्रेनिंग करता हूं और प्रतियोगिता में अपना शत प्रतिशत देने की कोशिश करता हूं।' 

हरियाणा के इस स्टार एथलीट ने बोला है कि वह विश्व चैम्पियनशिप के लिए अपनी ट्रेनिंग में कोई परिवर्तन देखने के लिए नहीं मिला है। उन्होंने कहा, ‘मेरी अगली प्रतियोगिता ओरेगोन में विश्व चैम्पियनशिप है। यह ज्यादा दूर नहीं है, इसलिए ट्रेनिंग में कुछ बदलाव नहीं करूंगा। लेकिन अपनी ट्रेनिंग में सुधार करना जारी रखने वाला हूँ।' 

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