देश में मजदूरो को संगठित किये जाने की जरुरत

हाल ही में भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय महामंत्री ब्रजेश उपाध्याय का देश में मजदूरो को लेकर बयान सामने आया है. उन्होंने बताया है कि आज हमारे देश में करीब 60 करोड़ मजदूर काम कर रहे हैं. जबकि साथ ही यह भी बताया है कि इनमे से केवल 10 करोड़ ही मजदुर है जोकि संगठित क्षेत्र में आते है और 50 करोड़ मजदूर ऐसे है जो असंगठित क्षेत्र से आते है. उन्होंने बताया है कि देश के मजदुर न्यूनतम सुविधाअों से वंचित हैं.

उन्होंने आगे की बातचीत में यह भी कहा है कि हमें ना केवल यहाँ मजदरो को संगठित करने की जरुरत है बल्कि साथ ही उन्हें सोशल सिक्यूरिटी से भी जोड़ने की जरुरत है. इसके आगे ही ब्रजेश ने यह भी बताया है कि देश में ट्रेड यूनियनों की एकता भी केवल सरकार के विरोध के कारण ही सामने आती है जबकि यदि ऐसे कई क्षेत्र है जहाँ यूनियनों को संगठित किये जाने की जरुरत है.

जानकारी में ही यह बात भी सामने आई है कि देश में श्रम कानून का पालन भी नहीं किया जाता है जोकि अपने आप में एक बहुत बड़ी समस्या के रूप में सामने आया है. साथ ही कई श्रम कानून ऐसे भी है जिनका निर्माण अंग्रेजों के द्वारा किया गया है, अब इनमे भी बदलाव किये जाने की जरुरत है.

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