झारखण्ड: कर्ज में डूबा एस्सार, जल्द होगा दिवालिया

धनबाद:  कर्ज में डूबी एस्सार पावर झारखंड लिमिटेड (ईपीजेएल) के खिलाफ नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) ने दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने की मंजूरी दे दी है.एनसीएलटी की प्रधान पीठ ने एक अंतरिम रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल की नियुक्ति की है,  कंपनी को कर्ज देने वाले आइसीआइसीआइ बैंक के अनुरोध पर यह फैसला किया गया है.

जस्टिस एमएम कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने की अपील को स्वीकारते हुए हुजेफा फाखरी सितबखान को अंतरिम रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (आइआरपी) नियुक्त किया है. फैसले की प्रति एनसीएलटी की वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है, आइसीआइसीआइ बैंक के मुताबिक, कंपनी पर 3,468.29 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया है. एनसीएलटी ने कहा कि ईपीजेएल से जुड़े कर्मी या इसके प्रमोटर या प्रबंधन से जुड़ा कोई भी व्यक्ति कंपनी से जुड़े मामलों के प्रबंधन के दौरान जरूरत पड़ने पर आइआरपी की सहायता करने के लिए कानूनी रूप से बाध्य होंगे. इन्सॉल्वेंसी एंड बैंक्रप्सी कोड (आइबीसी) के तहत एनसीएलटी ने ईपीजेएल द्वारा संपत्तियों के हस्तांतरण या बिक्री पर भी प्रतिबंध लगा दिया है.

वहीं आलोक इंडस्ट्रीज की क्रेडिटर्स कमेटी (सीओसी) ने 270 दिन की सीमा पूरी होने के बाद भी कंपनी के लिए किसी रिजॉल्यूशन प्लान को मंजूरी नहीं दी है. बीएसई फाइलिंग में कंपनी ने बताया कि कंपनी के लिए कॉरपोरेट इन्सॉल्वेंसी प्रक्रिया की समयसीमा 14 अप्रैल, 2018 को समाप्त हो गई है. साथ ही इन्सॉल्वेंसी एंड बैंक्रप्सी बोर्ड ऑफ इंडिया (आइबीबीआइ) ने इलेक्ट्रोस्टील स्टील्स लिमिटेड के आइआरपी धैवत अंजारिया पर जुर्माना लगाया है, उन पर कंपनी के एक ऑपरेशनल क्रेडिटर के दावे को नजरअंदाज करने का आरोप है।.अंजारिया को अपनी कुल फीस का 10वां हिस्सा जुर्माने के रूप में जमा कराना होगा.

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