बीजापुर मुठभेड़: माओवादी बोले- बंदी बनाए गए जवान को छोड़ देंगे, सरकार मध्यस्थ बनाए

Apr 07 2021 01:40 PM
बीजापुर मुठभेड़: माओवादी बोले- बंदी बनाए गए जवान को छोड़ देंगे, सरकार मध्यस्थ बनाए

रायपुर: छत्तीसगढ़ के बीजापुर में हुए नक्सली हमले के बाद माओवादियों ने कहा है कि शनिवार को सुकमा और बीजापुर के सीमावर्ती क्षेत्र में एनकाउंटर के बाद से लापता CRPF की कोबरा बटालियन का एक जवान उनके कब्जे में है और उन्होंने जवान को रिहा करने के लिए सरकार से मध्यस्थ नियुक्त करने की मांग की है. माओवादियों ने स्वीकार किया है कि इस एनकाउंटर में उनके 4 साथी भी मारे गए हैं.

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) द्वारा जारी किए गए एक पत्र में कहा गया है कि, बीजापुर हमले में 24 सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई, 31 घायल हुए, 1 हिरासत में है. पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) के 4 जवानों की मौत हो गई. हम सरकार से बातचीत के लिए तैयार हैं. वे मध्यस्थों का ऐलान कर सकते हैं. हम उसे रिहा कर देंगे. जवान हमारे दुश्मन नहीं है. बता दें कि छत्तीसगढ़ के सुकमा और बीजापुर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र के जोनागुड़ा गांव के पास सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुए एनकाउंटर के बाद से CRPF की 210 कोबरा बटालियन का जवान राकेश्वर सिंह मनहास लापता है. पुलिस जवान की खोज में लगी हुई है.

माओवादियों ने मंगलवार को एक बयान जारी करते हुए कहा कि तीन अप्रैल को सुरक्षा बल के दो हजार जवान हमला करने जीरागुडेम गांव के करीब पहुंचे थे, इसे रोकने के लिए PLGA ने यह अटैक किया है. इस कार्रवाई में 24 जवान मारे गए और 31 जख्मी हो गए. माओवादियों ने अपने बयान में कहा है कि एक जवान को बंदी बनाया गया है, जबकि अन्य जवान वहां से भाग निकले. उन्होंने कहा है कि सरकार पहले मध्यस्थों के नाम का ऐलान करे, इसके बाद बंदी जवान को रिहा कर दिया जाएगा, तब तक वह जनताना सरकार की सुरक्षा में रहेगा.

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