चैत्र नवरात्रि 2018 : नवरात्रि का महत्व और खास चमत्कारी मंत्र

Mar 16 2018 03:34 PM

सकरात्मक उर्जा का प्रतीक चैत्र नवरात्रि इस बार 18 मार्च से शुरू हो कर 25 मार्च तक चलेगी. चैत्र नवरात्रि को आत्मशुद्धि और मुक्ति का आधार माना जाता है. माना जाता है, कि चैत्र नवरात्रि में उपासना और पूजा करने से घर की नकारात्मकता दूर होती है, और वातावरण में सकरात्मक उर्जा का संचार होता है. 18 मार्च से शुरू हो कर 25 मार्च तक आदिशक्ति के नौ रूपों शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी; चन्द्रघंटा, कूष्माण्डा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की आराधना की जाती है. ज्योतिषी दृष्टि से देखा जाए तो चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व होता है. चैत्र नवरात्रि में सूर्य का राशि परिवर्तन होता है.

चैत्र नवरात्रि के नौ दिन नौ देवियों को पूजा जाता है. आइये जानते है इन देवियों के चमत्कारी मंत्रो के बारे में-

1. शैलपुत्री

इनका मंत्र है: वन्दे वांच्छितलाभाय चंद्रार्धकृतशेखराम्‌। वृषारूढ़ां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्‌॥

2. ब्रह्मचारिणी

इनका मंत्र है: दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥

3. चंद्रघंटा

इनका मंत्र है: पिण्डजप्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकेर्युता। प्रसादं तनुते मह्यं चंद्रघण्टेति विश्रुता॥

4. कूष्माण्डा

इनका मंत्र है: सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च। दधाना हस्तपद्माभ्यां कुष्मांडा शुभदास्तु मे॥

5. स्कंदमाता

इनका मंत्र है: सिंहसनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया। शुभदास्तु सदा देवी स्कंदमाता यशस्विनी॥

6. कात्यायनी

इनका मंत्र है: चंद्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना। कात्यायनी शुभं दद्याद्देवी दानवघातिनी॥

7. कालरात्रि

इनका मंत्र है: एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता। लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी॥ वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा। वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयंकरी॥

8. महागौरी

इनका मंत्र है: श्वेते वृषे समारूढ़ा श्वेताम्बरधरा शुचिः। महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा॥

9. सिद्धिदात्री

इनका मंत्र है: सिद्ध गन्धर्व यक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि। सेव्यमाना सदा भूयाात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी।।

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