15 हजार में खरीदता और 70000 में 'थर्ड क्लास' ऑक्सीजन कॉन्स्ट्रेटर बेचता था नवनीत कालरा

नई दिल्ली: सीएम अरविंद केजरीवाल ने जिस नवनीत कालरा को ‘दिल्ली का निर्माता’ के रूप में सम्मानित किया था, उसके गोरखधंधे की परतें हर दिन खुल रही है। वह कोरोना काल में जिस ऑक्सीजन कॉन्स्ट्रेटर की ब्लैक मार्केटिंग कर रहा था, वह थर्ड क्लास की थी। लैब टेस्ट से पता चला है कि कालरा द्वारा मनमानी (15 हजार में खरीद 70 हजार रुपए में बेचे) कीमत पर बेचे जा रहे कॉन्संट्रेटर मरीजों को महज 38 फीसद ही ऑक्सीजन देने में सक्षम थे।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कालरा द्वारा बेचे जा रहे ऑक्सीजन कॉन्संट्रेटर की क्वालिटी को लेकर एक लैब में जांच की गई थी, जो बताती है कि उनसे सिर्फ 38 फीसद ही ऑक्सीजन मिलती। लैब की रिपोर्ट देखने के बाद पुलिस ने कालरा पर IPC की एक और धारा के तहत केस दर्ज कर लिया है। गौरतलब है कि कालरा के कारनामों का चिट्ठा खुलने के बाद कई लोगों ने शिकायत की थी कि कालरा से खरीदे गए कॉन्संट्रेटर यही तरीके से काम नहीं कर रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने इस संबंध में आरोपित से पूछताछ की।

इसके साथ ही जब्त किए गए कॉन्संट्रेटर्स को क्वालिटी चेक के लिए लैब भेजा है। रिपोर्ट आई तो पता चला कि सच में ये मशीनें सही से काम नहीं कर रही थी और मरीज को सिर्फ 38 फीसद ऑक्सीजन दे पाने में सक्षम थीं। अब लैब की यह रिपोर्ट दिल्ली पुलिस के पास है। पुलिस उन सभी के बयान ले रही है, जिन्होंने कालरा से कॉन्संट्रेटर खरीदा था। रिपोर्ट में लिखा है कि नवनीत कालरा के खान चाचा, टाउन हॉल, नेगे जु रेस्तरां के अतिरिक्त छतरपुर फार्म से जो ऑक्सीजन कॉन्संट्रेटर बरामद हुए थे उनमें से कुछ की जाँच में यह पता चला कि वे सही से काम नहीं कर रहे थे।

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