अकालियों के साथ लड़ा चुनाव तो छोड़ दूंगी साथ

लुधियाना: पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज़ हो गई है। दूसरी ओर प्रत्याशियों ने पार्टी से अपनी मांगें भी करना प्रारंभ कर दी हैं। इस मामले में यह बात सामने आई है कि अमृतसर से भाजपा की विधायक और मुख्य संसदीय सचिव नवजोत कौर सिद्धू ने भाजपा पदाधिकारियों से दो टूक कहा है कि यदि पार्टी ने अकाली दल के साथ चुनाव लड़ा तो वे इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगी। दरअसल वे पत्रकारों से सर्किट हाउस में चर्चा कर रही थीं।

उन्होंने कहा कि वे भाजपा की वफादार विधायक हैं। ऐसे में दूसरी पार्टी से चुनाव लड़ने का विचार नहीं कर सकती हैं। मगर उन्होंने कहा कि जब राजनीति में आई तो यहां आकर जो देखा उससे काफी दुख हुआ। उन्होंने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री उन्हें अपनी बेटी कहते हैं लेकिन उनका व्यवहार सौतेली बेटी के साथ किए जाने वाले व्यवहार से भी बुरा है।

कई बार इन दोनों द्वारा उन्हें अपमानित किया गया है। इससे वे आहत हैं। उन्होंने अपने पति और पूर्व अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू के राज्यसभा सांसद बनने को लेकर कहा कि इसे उन्हें खामोश करवाने की डील नहीं समझी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों ही भाजपा से जुड़े रहना चाहते हैं। नवजोत कौर सिद्धू का कहना था कि जब भी उन्होंने किसी कर्मचारी और अधिकारी के स्थानांतरण की बात की तो उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं की अनदेखी को समय -समय पर उन्होंने सामने रखा है। 

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