ED ने जब्त किए 10 करोड़, जानिए क्या है पूरा मामला

बेंगलुरू से पोंजी स्कैम में प्रवर्तन निदेशालय ने 10 करोड़ रुपये जब्त किए हैं. बता दें कि इससे पहले भी ईडी ने धन शोधन के आरोप में मोटी रकम जब्त की है. इस स्कैम के तहत कंपनी के मालिक ने लोगों से ठगी की. अंबिडेंट मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी पर धोखाधड़ी करने का आरोप है. साल 2018 में यह केस काफी सुर्खियों में रहा. 

गृह मंत्री अमित शाह का ऐलान, पूरे देश में लागू होगी NRC, तैयार रखें अपने ये दस्तावेज

अपने एक बयान में ईडी ने कहा था कि इस कंपनी के मालिक ने जनता को हलाला योजनाओं के नाम पर ठगी की. इसके तहत जनता से निवेश करने के बदले में 15 प्रतिशत ज्यादा पैसे ज्यादा देने का वादा किया. ईडी ने बताया कि यह यह कंपनी वैध नही है. इसके अलावा ये कंपनी सेबी और आरबीआई से रजिस्टर नहीं है. ईडी ने बताया कि कंपनी ने जनता के बीच अपने निवेशों को ज्यादा पैसा देने के बहाने अपने झांसे में लिया. कंपनी अपनी योजना में सफल रही और जनता का विश्वास जीतने के बाद उनके साथ ठगी की. कपंनी ने किसी के भी धन को वापस नहीं दिया.

कोलकाता में मिठाई बाँट रहे विजयवर्गीय, बोले- यदि ममता सरकार लागू नहीं करेगी CAB, तो केंद्र....

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि साल 2018 फरवरी महीने में ईडी ने इस कंपनी के खिलाफ जांच की और बेंगलुरू से सभी जमीन जब्त कर ली गई है. इस जमीन की कीमत 8 करोड़ के पास बताई गई. अभी तक धन शोधन मामले में 10 करोड़ तक जब्त कर चुकी है. कुछ दिनों पहले ईडी ने इस कंपनी के मॉनिटरी एडवाइजर ग्रुप पर शिंकजा कंसा था. इसके संस्थापक मोहम्द मंसूर खान की 209 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई थी. धन शोधन के खिलाफ मंसूर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. 40 हजार निवेशकों को हड़पने के बाद उनके विदेश भागने का मामला भी सामने आया है.

पंजाब-केरल के बाद अब छत्तीसगढ़ में भी CAB पर संशय, सीएम भूपेश बघेल ने दिया ये बयान

संसद भवन हमला : इस बहादुर जवान के हाथ से नही छुटा था वायरलेस, सबसे पहले आतंकी से हुआ था सामना

निर्भया मामला: पटियाला हाउस कोर्ट में दोषियों की पेशी टली, जज ने कहा- SC के फैसले का इंतज़ार

 

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -