निर्भया केस : क्या फांसी देने के लिए दोषीयों को खिलाना-पिलाना किया शुरू?, वकील ने अपनाया नया तरीका

Jan 24 2020 02:41 PM
निर्भया केस : क्या फांसी देने के लिए दोषीयों को खिलाना-पिलाना किया शुरू?, वकील ने अपनाया नया तरीका

निर्भया मामले में दिन प्रतिदिन नई खबर सामने आ रही है. फांसी से बचने के लिए चारों दोषी नए-नए तरीके अपना रहे है. ताकि किसी तरह फांसी को टाला जा सकें. ताजा मामले में तीन दोषियों विनय कुमार शर्मा, पवन कुमार गुप्ता और अक्षय सिंह ठाकुर के वकील एपी सिंह ने शुक्रवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट का रुख किया है. वकील एपी सिंह ने कोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि तिहाड़ जेल प्रशासन ने अब तक संबंधित पेपर उपलब्ध नहीं कराए हैं, जिससे वह फांसी की सजा पाए विनय कुमार शर्मा, पवन कुमार गुपाता और अक्षय सिंह ठाकुर की क्यूरेटिव पिटिशन और दया याचिका दाखिल कर सकें.

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आपकी जानकारी के लिए बता दे कि तिहाड़ जेल संख्या-3 में चारों दोषियों की फांसी को लेकर तैयारी जारी हैं. इस कड़ी में कुछ ही दिन पहले चारों दोषियों अक्षय, विनय, पवन व मुकेश को उनके जेलों से स्थानांतरित कर जेल संख्या तीन के हाई सिक्योरिटी सेल में रखा गया है. इसी जेल में फांसी घर भी है. इनके सेल में रोजाना चिकित्सक पहुंचकर इनकी स्वास्थ्य जांच कर रहे हैं. सुबह व शाम के समय इनकी स्वास्थ्य जांच होती है. इस दौरान इनका वजन हर बार किया जाता है.

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चार्ट दोषियों के लिए डायटिशियन की सलाह पर एक डाइट चार्ट जेल प्रशासन ने तैयार किया है. डाइट चार्ट के हिसाब से ही इन्हें भोजन दिया जा रहा है. काउंसिलिंग के दौरान दोषियों को इस बात की सलाह विशेष तौर पर दिया जा रहा है कि वे अपना खानापान सामान्य रखें. किसी भी सूरत में खाना नहीं छोड़ें. वहीं, काउंसिलिंग के दौरान चिकित्सक इन्हें इस बात की सलाह देते हैं कि वे अपने व्यवहार को सामान्य बनाए रखें ताकि दिमाग पर ज्यादा जोर न बनें. जेल सूत्रों का कहना है कि दोषियों के व्यवहार में डेथ वारंट जारी होने के बाद से थोड़ी तब्दीली आई है जिसे देखते हुए चारों की काउंसिलिंग कराई जाती है.

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