नेशनल ऑय डोनेशन फोर्टनाईट 2018 : दुनियाँ में सबसे ज्यादा नेत्रहीन भारत में, इस तरह बदले जा सकते है हालत

Aug 25 2018 02:58 PM
नेशनल ऑय डोनेशन फोर्टनाईट 2018 : दुनियाँ में सबसे ज्यादा नेत्रहीन भारत में, इस तरह बदले जा सकते है हालत

नई दिल्ली। आज से भारत में नेशनल ऑय डोनेशन फोर्टनाईट इवेंट 2018 शुरू हो रहा है। यह इवेंट शनिवार 25 अगस्त से शुरू हो कर रविवार 8 सितम्बर तक चलेगा। देश में लोगों का ध्यान नेत्रहीनता की और खींचने और नेत्र दान को बढ़ावा देने के लिए इस इवेंट को हर साल मनाया जाता है। 

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भारत में कितने नेत्रहीन 
क्या आप जानते है कि पूरी दुनियाँ में सबसे ज्यादा नेत्रहीन भारत में ही रहते है। एक सरकारी सर्वे के मुताबिक भारत में 1.5 करोड़ से ज्यादा लोग नेत्रहीन है। वहीं पूरी दुनिया में तक़रीबन 4 करोड़ लोग नेत्रहीन है। हालाँकि इनमे से 75 % मामलों में लोगो की आखों की रौशनी वापस आ सकती है अगर उन्हें किसी की दान की हुई आँखे मिल जाये। 

कितने नेत्रों की है जरुरत और कितने लोग करते है नेत्रदान
ऑय डोनेशन फाउंडेशन की रिपोर्ट के अनुसार भारत से नेत्रहीनता मिटाने के लिए हर साल 2.5 लाख दान की आंखों की जरूरत होती है लेकिन देश के 109 ऑय डोनेशन बैंक अधिकतम 25,000 आंखें इकट्ठा करने में ही कामयाब हो पाते हैं, जिनमें से 30% का उपयोग करने लायक नहीं बच पाती। 

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ऐसे बदल सकते है तस्वीर 
भारत में तक़रीबन 80 लाख लोग रोजाना मारे जाते है। और भारत से नेत्रहीनता मिटाने के लिए हर साल सिर्फ 2.5 लाख दान की आंखों की जरूरत होती है। ऐसे में अगर सिर्फ 50% लोग भी नेत्रदान करे तो भी भारत से नेत्रहीनता मिटाई जा सकती है और अगर देश का हर नागरिक नेत्रदान करने लग जाये तो भारत से विदेशो में भी आखे सप्लाई की जा सकती है। 

आप भी कर सकते है नेत्रदान 
-नेत्रदान कोई भी व्यक्ति कर सकता है भले वो किसी भी उम्र या वर्ग का हो। 

-जिन लोगों को चस्मा लगा हो वो भी नेत्रदान कर सकते है। 

-मोतियाबिंद के मरीज भी नेत्रदान कर सकते है। 

-एड्स, हेपेटाइटिस बी या सी, रेबीज, सेप्टिसिमीया, तीव्र ल्यूकेमिया, टेटनस, कोलेरा, मेनिनजाइटिस या एन्सेफलाइटिस से संक्रमित या मरने वाले व्यक्ति आंखों का दान नहीं कर सकते हैं। 

- आई-बैंक को दी गई जो आंखें प्रत्यारोपण के लिए चिकित्सकीय रूप से उपयुक्त नहीं होती उन्हें चिकित्सा अनुसंधान और शिक्षा के लिए उपयोग किया जाता है। 

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