विकासशील देश पर्यावरण के दुश्मन नहीं -मोदी

Sep 16 2015 05:56 AM
विकासशील देश पर्यावरण के दुश्मन नहीं -मोदी

नई दिल्ली : जलवायु परिवर्तन पर होने वाले वैश्विक सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा की विकासशील देश पर्यावरण के दुश्मन नहीं होते हैं और जनता को अपनी सोच बदलने पर जोर दिया कि विकास और प्रगति पारिस्थितिकी के प्रतिकूल हैं। मोदी ने कहा की पुरे विश्व में विकसित और विकासशील, दोनों तरह के देशों में पर्यावरण को लेकर स्कूलों में सामान पाठ्यक्रम होना चाहिए, ताकि युवा पीढ़ी जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में समान लक्ष्यों के साथ आगे बढ़ सके।

मोदी ने यह बात समान विचारों वाले विकासशील देशों के प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों के साथ बातचीत करते हुए कही जो पेरिस में इस साल के अंत में जलवायु परिवर्तन पर होने वाले सम्मेलन की तैयारियों के संदर्भ में यहां एक बैठक के लिए आए हैं। मोदी ने कहा की जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर समान विचारों वाले विकासशील देशों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है, मोदी ने कहा कि विश्व, जो अब जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से अच्छी तरह अवगत है, को जलवायु न्याय के सिद्धांत के बारे में अवगत होना चाहिए।

मोदी ने प्रतिनिधियों से कहा कि कुछ खास समूहों द्वारा, विकासशील देशों में भी, निर्मित इस माहौल का मुकाबला किए जाने की आवश्यकता है कि विकास और प्रगति पर्यावरण के दुश्मन हैं-और इसलिए विकास और प्रगति पर चलने वाले सभी लोग दोषी हैं। उन्होंने कहा कि विश्व को यह मानने की जरूरत है कि विकासशील देश पर्यावरण के दुश्मन नहीं हैं। मोदी ने इस बात पर भी जोर दिया कि विकसित देश स्वच्छ प्रौद्योगिकी साझा करने के संबंध में अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करें और जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए विकासशील दुनिया की मदद करें। उन्होंने ऊर्जा खपत घटाने के लिए जीवनशैली में बदलाव लाने की बात पर जोर दिया। केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर भी इस मीटिंग में मौजूद थे।