मत्था टेकने के साथ-साथ संत रविदास के आदर्शों को भी जीवन में आत्मसात करने की जरुरत

मत्था टेकने के साथ-साथ संत रविदास के आदर्शों को भी जीवन में आत्मसात करने की जरुरत

लखनऊ : बहुजन समाजवादी पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने प्रधानमंत्री समेत कई नेताओं द्वारा संत रविदास की जयंती पर मत्था टेकने को लेकर नसीहत दी है। उन्होने कहा है कि संत के मंदिरों में जाकर केवल मत्था ही न टेके बल्कि उनके आदर्शों और कर्मो को भी अपने जीवन में अपनाए। संत रविदास की जयंती पर बधाई देते हुए मोदी समेत कई नेताओं के संत रविदास मंदिर में हाजिरी लगाने का जिक्र किया और कहा कि हकीकत में उनके आदर्शों और कर्मो को अपनाकर ही आदमी से इंसान बना जा सकता है।

नेताओं को उनके मंदिर में मत्था टेकने के साथ-साथ उनके आदर्शों को भी आत्मसात करना चाहिए, तभी देश की गरीब और शोषित जनता का सही मायने में भला होगा।

मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी को तो संत रविदास की जयन्ती मनाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, जिसने सत्ता में आते ही बसपा सरकार द्वारा उनके नाम पर रखे गये संतरविदास नगर जिले का नाम बदलकर भदोही कर दिया।