पहली बार राजनीति में बोले, इम्पोसिस कंपनी के संस्थापक नारायण मूर्ति

नई दिल्ली : एनआर न्यायमूर्ति जिनको राजनीति में कुछ भी रूचि नही होने के बावजूद भी उन्होंने ने सरकार से कहा है, कि भारत देश में अल्पसंख्यको के मन में भय है, और भय एक क्षेत्र के अल्पसंख्यको को दूसरे क्षेत्र के लोगो से है, इस भय को भारत सरकार द्वारा ख़त्म किया जाना चाहिए, भारत सरकार अल्पसंख्यको के विश्वास को वापस जगाये और अल्पसंख्यको को पूरी तरह विश्वास दिलाये की आपके उस क्षेत्र के अपल्पसंख्यक और आप दोनों समान हो और दोनों में कोई भेदभाव नही है।

एम्फोसोस के संस्थापक एनआर न्यायमूर्ति ना ही कोई नेता है और न ही कोई राजनेता और ना ही उनकी कोई राजनीति में पहल है, फिर भी अपने देश के अल्पसंख्यको के लिए आगे आये और हमारे देश के अल्पसंख्यको की परिस्थिति में सुधार हो सके। न्यायमूर्ति ने और कहा की शिवसेना द्वारा 1960 में विरोध किया गया था, दक्षिण भारतीयों के खिलाफ। आज भारत में इस प्रकार की बहुत सारी चिंताजनक बातें हो रही है जो हमारे देश के लिए बहुत बड़ी चिंता की बात है। आज हमारे देश में अल्पसंख्यको और शिवसेना जैसे कितने ही लोग अल्पसंख्यको के खिलाप खड़े हुए है।

इस प्रकार की बातें मुझे लगातार सुनने को मिल रही है। इस बात को स्वीकारते हुए जयंत सिन्हा वित्त राज्य मंत्री ने भी इस विषय पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है की हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर काफी आशाएं टिकी हुई है ,और भाजपा के और नेता भी इस कार्य को सफल करने में साथ होगे और हमारे देश के सभी संभेधानिक अधिकारों की रक्षा की जाएगी और अल्पसंख्यको को उनके पूर्ण अधिकार स्वतंत्र रूप से दिए जायेगे और उनके विश्वास को और अधिक रूप से दृढ़ किया जायेगा।

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