नांदेड़ लोकसभा सीट: क्या भाजपा-शिवसेना के तूफ़ान को रोक पाएगी कांग्रेस ?

नांदेड़ लोकसभा सीट: क्या भाजपा-शिवसेना के तूफ़ान को रोक पाएगी कांग्रेस ?

नांदेड़: महाराष्ट्र का नांदेड़ संसदीय क्षेत्र कांग्रेस के महाराष्ट्र राज्य अध्यक्ष और राज्य के पूर्व सीएम अशोक चव्हाण का गृहक्षेत्र है जो यहाँ से मौजूदा सांसद हैं. तो वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की टिकट पर प्रताप चिखलीकर नांदेड़ से चुनाव मैदान में उतर गए हैं, जो वर्तमान में  लातूर जिले के लोहा से विधायक हैं. दोनों ही मराठा समुदाय से ताल्लुक रखते हैं और वोटरों को लुभाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं.

उल्लेखनीय है कि 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के चलते महाराष्ट्र की सभी 48 लोकसभा सीटों में से कांग्रेस केवल 2 सीटों पर सिमट कर रह गई थी. नांदेड लोकसभा सीट इन 2 सीटों में से ही एक थी, जहां अशोक चव्हाण ने भाजपा के प्रत्याशी दिगंबर पाटिल को पछाड़कर चुनाव जीतने में सफल रहे. 1980 और 1984 में अशोक चव्हाण के पिता शंकरराव चव्हाण भी नांदेड़ से सांसद निर्वाचित हुए थे, जो केंद्र में मंत्री पद पर भी रहे थे. फिर 1987 के उपचुनाव में अशोक चव्हाण पहली बार इस लोकसभा सीट से निर्वाचित होकर संसद पहुंचे थे.

नांदेड़ लोकसभा सीट कांग्रेस का मजबूत किला रही है. इस सीट पर अब तक 19 बार चुनाव हो चुके हैं, इनमें से 15 बार कांग्रेस ने जीत दर्ज की है. ऐसे में स्वयं अशोक चव्हाण इस चुनाव में अपनी राह को आसान नहीं मान रहे हैं. दिसंबर 2018 की रिपोर्ट के अनुसार गत 5 वर्षों में उनकी लोकसभा में उपस्थिति 43 फीसद रही और इस दौरान उन्होंने केवल 9 डिबेट में हिस्सा लिया और 829 सवाल पूछे हैं. 

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