इस वजह से महाभारत के अंत में जल गया था अर्जुन का रथ

May 21 2019 10:20 PM
इस वजह से महाभारत के अंत में जल गया था अर्जुन का रथ

आप सभी ने सुना या पढ़ा ही होगा कि महाभारत के युद्ध के बाद अर्जुन का रथ जलकर राख हो गया था. जी हाँ, इसके पीछे एक कहानी है जो आज हम आपको बताने जा रहे हैं.

कहानी - महाभारत युद्ध में श्रीकृष्ण के कहने पर अर्जुन ने हनुमानजी का आवाहन कर उनको रथ के ऊपर पताका के साथ विराजित किया और अर्जुन का रथ श्रीकृष्ण चला रहे थे और शेषनाग ने पृथ्वी के नीचे से अर्जुन के रथ के पहियों को पकड़ा था, जिससे रथ पीछे न जाए. कहा जाता है इतना सब कुछ अर्जुन के रथ की रक्षा के लिए भगवान ने व्यवस्था की थी.

वहीं महाभारत युद्ध समाप्ति के बाद अर्जुन ने भगवान से कहा पहले आप उतरिए मैं बाद में उतरता हूं, इस पर भगवान बोले नहीं अर्जुन पहले तुम उतरो. भगवान के आदेशनुसार अर्जुन रथ से उतर गए, थोड़ी देर बाद श्रीकृष्ण भी रथ से उतर गए, तभी शेषनाग पाताल लोक चले गए. हनुमानजी भी तुरंत अंतर्ध्यान हो गए. रथ से उतारते ही श्रीकृष्ण अर्जुन को कुछ दूर ले गए. इतने में ही अर्जुन का रथ तेज अग्नि की लपटों से धूं-धूं कर जलने लगा. अर्जुन बड़े हैरान हुए और श्रीकृष्ण से पूछा, भगवान ये क्या हुआ!

कृष्ण बोले- ‘हे अर्जुन- ये रथ तो भीष्मपितामह, द्रोणाचार्य और कर्ण के दिव्यास्त्रों के वार से बहुत पहले ही जल गया था, क्योंकि पताका लिए हनुमानजी और मैं स्वयं रथ पर बैठा था, इसलिए यह रथ मेरे संकल्प से चल रहा था. अब जब कि तुम्हारा काम पूरा हो चुका है, तब मैंने उसे छोड़ दिया, इसलिए अब ये रथ भस्म हो गया.’ सीख: अक्सर ही व्यक्ति को लगता है कि उसके प्रभाव, बल, बुद्धि से सब हो रहा है, लेकिन जीवन में ऐसा बहुत कुछ होता है जो प्रभु कृपा या गुरु कृपा से हो रहा है, पर हमारा अहंकार कृपा को मानने को तैयार नहीं होता, जिस कारण अहंकार बढ़ जाता है जो नहीं होना चाहिए.

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