'5 दिसंबर को रात 8 बजे मेरी मां मर जाएगी', शिक्षा विभाग के तुगलकी फरमान पर फूटा शिक्षकों का गुस्सा

पटना: बिहार से एक घटना सामने आ रही है यहाँ सरकारी अध्यापकों के लिए अनोखा फरमान जारी किया गया है। आकस्मिक अवकाश यानी सीएल (CL) के लिए अब 3 दिन पहले ही आवेदन देना होगा। यह सरकारी आदेश मुंगेर, भागलपुर एवं बांका के लिए जारी किया गया है। शिक्षा विभाग की तरफ से यही बताया जा रहा है कि ये आदेश अध्यापकों के कम आँकड़े को देखते हुए जारी किया गया है। RDDE एवं डीईओ के इस अजीबोगरीब आदेश के बाद अध्यापकों में आक्रोश देखा जा रहा है।

इस आदेश को अध्यापकों ने तुगलकी फरमान बताते हुए जारी आदेश पत्र पर आपत्ति व्यक्त की है तथा इसे वापस लेने की मांग कर रहे हैं। इस अजीबोगरीब आदेश का विरोध करते हुए अध्यापक भी अपना आक्रोश अनोखे अंदाज में जता रहे हैं। अध्यापक डमी आवेदन लिखकर अफसरों पर तंज रहे हैं। अध्यापक पूछ रहे हैं कि आखिर कोई अध्यापक कैसे भविष्यवाणी करेंगे कि वो बीमार पड़ेंगे?

वही इस आदेश के विरोध के लिए अध्यापक भी अनोखा तरीका अपना रहे हैं। जैसे, एक डमी आवेदन में एक अध्यापक ने लिखा- महाशय, सादर निवेदन है कि दिनांक 5-12 2022, दिन सोमवार से रात 8:00 बजे के लगभग मेरी मां मर जाएगी। इसलिए मैं उसके अंतिम संस्कार हेतु 6-12-2022 से 7-12 -2022 तक अपने विद्यालय से अनुपस्थित रहूंगा। अतः श्रीमान से अनुरोध है कि मेरे अवकाश को स्वीकृत करने की कृपा करें। एक अन्य अध्यापक ने अपने डमी आवेदन में लिखा, महाशय, सविनय निवेदन है कि दिनांक 4-12-2022 से 5 -12- 2022 तक मैं बीमार रहूंगा। इसके कारण मैं विद्यालय नहीं आ पाऊंगा। अतः श्रीमान से आग्रह है कि 2 दिनों तक आकस्मिक अवकाश को स्वीकृत करने की कृपा करें।

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