मेरे पिता कोई दाऊद इब्राहिम नहीं थे : बोस

कोलकाता : नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के जीवन से जुड़ी 64 फाइल सार्वजानिक हो जाने के बाद कई रहस्यों से पर्दा उठ गया है. और यह बात पूरी तरह सिद्ध हो गई है की नेताजी ताईवान में  18 अगस्त 1945 को हुए विमान हादसे में नेताजी की मौत नहीं हुई थी. नेताजी के परिवार के जुड़े सदस्यों ने भी इस बात के खुलासे के बाद सरकार पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है. क्योकि नेताजी की मृत्यु के बाद सरकार ने बोस परिवार की जासूसी कराइ थी और उनकी हर कदम पर नजर बना कर रखी थी. इस बात पर आक्रोसित होते हुए नेताजी के पोते ने कहा की सरकार ने हमारे परिवार की जासूसी क्यों कराइ.

सरकार ने मेरे पिताजी अमिय नाथ बोस पर ख़ुफ़िया विभाग को नजर रखने के लिए क्यों कहा. हम कोई आतंकवादी नहीं थे और न ही मेरे पिताजी दाऊद इब्राहिम थे. फिर भी एक स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी के परिवार पर जासूसी करने की जरुरत सरकार को आखिर क्यों पड़ी. उन्होंने PM मोदी से इस बात की जाँच की मांग भी की है. आपको बता दे की कल नेताजी सुभाष चन्द्र बोस से जुड़ी फाइलों के सार्वजानिक होने पर इस पर राजनीती भी तेज हो गई है. आपको बता दे की पश्चिम बंगाल सरकार ने नेताजी से जुड़ी 64 फाइलों को सार्वजानिक किया है.

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