मुस्लिम महिला को मिला धोखा: दुबई निवासी मुस्लिम युवक ने मैसेज भेजकर दिया तलाक

नई दिल्ली: राजधानी 2 दिसंबर को एक बार फिर शर्मशार हुई जब एक भारतीय मुस्लिम युवक द्वारा अपनी पत्नी को टेक्स्ट मैसेज भेजकर तलाक दे दिया गया। सुत्रों के अनुसार महिला ने अपने पति को अपने साथ हुए गैंगरेप की घटना की जानकारी दी थी। जिसके बाद पति ने महिला को तीन बार मैसेज भेजकर तलाक दे दिया। इस घटना के बाद महिला के परिजन इसे गैरकानुनी और गलत बता रहे हैं।

ताजा सुत्रों के मुताबिक, महिला के बारे में कोई भी जानकारी सुरक्षा की दृष्टि से गोपनीय रखी गयी हैंै। सुत्रों के अनुसार महिला का पति दुबई में एक कंस्ट्रक्शन वर्कर के रूप में काम करता हैं। महिला द्वारा दी गयी जानकारी में बताया गया हैं की जब उसने अपने पति को अपने साथ गैंगरेप की जानकारी दी तो उसे रीप्लाय में तीन बार “तलाक” लिखा हुआ मैसेज आया। जिससे महिला काफी सदमें में आ गई और कुछ भी कहने की स्थिती में चली गयी।

हालांकि, इस्लामिक जानकार इस बारें में कहते हैं कि, इस्लाम में तलाक के लिए अलग-अलग मौकों पर अलग-अलग तरीके होंते हैं। लेकिन इसके साथ ही दोनो पक्षों में सुलह के लिए भी कायदे कानुन बने हुए हैं। सुत्रों के अनुसार महिला की उम्र 25 साल हैं महिला ने बताया की जब से पति ने उसे तलाक के मैसेज किए हैं तभी से पति के परिवारवालों ने घर से बेदखल कर दिया हैं।

जब से महिला को तलाक का मैसेज आया है तब से महिला की 70 वर्षीय सास ने सभी संबंधियों के बीच इस रिश्ते को तलाक के रूप में मान लिया हैं और सास द्वारा अपने बेटे को भी इस बारे में आगाह कर दिया गया हैं।

म्हिला द्वारा इस बारें में जानकारी दी गई की मेरे साथ मेरें की मुहल्ले के कुछ लोगो ने सामुहिक रूप से बलात्कार किया। इस पर मेंने अपने पति को इस बारे में यह जानकर जानकारी दी की वह मेरी मदद करेगा और आरोपियों को सजा दिलवाएगा लेकिन मेरे पति ने मेरे साथ धोखा किया है। उसने टैक्स्ट मैसेज कर मुझे तलाक दे दिया हैं जो किसी भी प्रकार से न्यायोचित नहीं हैं।

इस वाकयात के बाद पीडि़त महिला अपने माता-पिता के यहां मेरठ आ चुकी हैं। इस घटना के बाद काफी सामाजिक संगठन इसका पुरजौर तरीके से विरोध कर रहे हैं और इस परंपरा को खत्म करने की मांग कर रहें हैं।

भारत में किए गए एक सर्वे के अनुसार, कई भारतीय मुस्लिम संगठनों ने एक सर्वे किया हैं जिसमें देश की 92.1 प्रतिशत मुस्लिम महिलाएं तीन बार तलाक की प्रथा को पूरी तरह से बंद करने की चाह रखती हैं। भारत में आजकल मुसलमानों में स्काइप, टेक्स्ट मैसेज, ईमेल और व्हा्ट्सएप तलाक कह कर महिलाओं के साथ शोषण की घटनाऐं तेजी से बढ़ रही हैं। जो एक चिंता का कारण बन रहीं हैं। भारत सरकार को जल्द इस और अपना रूख करना चाहिए ताकि मुस्लिम महिलाओं का शोषण ना हो सके।

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